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एडवोकेट जितेंद्र पांचाल के तहसील स्तिथ प्रतिष्ठान पर विश्वकर्मा जयंती महोत्सव का आयोजन बहुत धूमधाम से मनाया गया

उत्तर प्रदेश विश्वकर्मा महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट जितेंद्र पांचाल के तहसील स्तिथ प्रतिष्ठान पर विश्वकर्मा जयंती महोत्सव का आयोजन बहुत धूमधाम से मनाया गया l जिसमे जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष गौरव भाटी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता विक्रम सिंह त्यागी ने की जबकि संचालन कार्यक्रम संयोजक जितेंद्र पांचाल एडवोकेट ने किया l      कार्यक्रम का प्राम्भ भगवान विश्वकर्मा जी के चित्र पर दीप जलाकर किया गया l इस अवसर पर मुख्य अतिथि गौरव भाटी ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि "विश्वकर्मा समाज का इतिहास बहुत गौरव शाली रहा है तथा देश के विकास में विश्वकर्मा समाज का बहुत बड़ा योगदान हैं l उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा आदि काल के अभियंता थे साथ कला कौशल के प्रणेता भी थे l       अति विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे पंडित माया प्रकाश शर्मा ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा पूरी दुनिया के आराध्य है तथा इस दुनिया को सुंदर रूप देने का श्रेय उन्हें ही जाता है l  पुरुषोत्तम उपाध्याय दौराला, प्रशांत त्यागी, राकेश कुशव...
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन नगर पालिका कार्यालय मे केक काटकर मनाया गया, पालिका कर्मचारियों को किया गया सम्मानित*

शाहिद खान संवाददाता पीलीभीत*  पीलीभीत। भगवान विश्वकर्मा जयंती, सेवा पखवाड़ा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में नगर पालिका कार्यालय में हवन पूजन और सम्मान समारोह आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में केक काटा गया। जनपद के प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। गर्मी सर्दी और भीषण बारिश के बीच शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। बुधवार सुबह नगर पालिका परिषद कार्यालय में जलकल और निर्माण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में भगवान विश्वकर्मा पूजन और हवन किया गया। अभियंताओं और स्टाफ ने यंत्रों का भी पूजन किया। पालिकाध्यक्ष डॉ आस्था अग्रवाल, प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, डीएम ज्ञानेंद्र सिंह, ईओ संजीव कुमार, पीसीयू चेयरमैन सुरेश गंगवार, एसडीएम श्रद्धा सिंह, रिटायर्ड कर्मचारी नेता नन्हेंलाल भाजपा जिला उपाध्यक्ष वरिष्ठ सभासद गोकुल प्रसाद मौर्य नगर अध्यक्ष इंद्रेश सिंह चौहान, गुरुभाग सिंह, अमित अग्रवाल, लेखराज भारती सतनाम सिंह, सहित सभ...

सपा ने पीलीभीत क्षेत्र के कस्बा जहानाबाद में पीडीए जनचर्चा पंचायत कार्यक्रम का आयोजन किया*

शाहिद खान संवाददाता पीलीभीत*  राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार 127 सदर विधानसभा पीलीभीत क्षेत्र के कस्बा जहानाबाद में सपा पीडीए जनचर्चा पंचायत कार्यक्रम का आयोजन किया गया l कार्यक्रम की अध्यक्षता 127 सदर विधानसभा पीलीभीत अध्यक्ष हाजी इम्तियाज अल्वी साहब, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा जी एवं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सपा जिला महासचिव नफीस अहमद अंसारी जी व सपा प्रदेश सचिव असलम जावेद अंसारी जी एवं कार्यक्रम का संचालन देवनन्दन प्रजापति जी ने किया l सपा जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा जी ने अपने संबोधन में कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रत्येक गांव में पीडीए जनचर्चा करने के साथ ही अपने-अपने बूथों पर मतदाता सूची को शुद्ध एवं दुरस्त कराने का काम शुरू कर दिया है, उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची के लिए विशेष गहन पुनःनिरीक्षण (S.I.R) अथवा विशेष पुनिरीक्षण SSR का कार्य शुरू हो  जाएगा, इसके लिए बी एल ए की नियुक्ति फार्म आई डी बी एल ए 2 के लिए निर्धारित फॉर...

"प्रसवोत्तर देखभाल: माँ का साथ सास से ज्यादा कारगर""माँ की गोद में मिलती सुरक्षा, सास की भूमिका पर उठे सवाल"

"प्रसवोत्तर देखभाल: माँ का साथ सास से ज्यादा कारगर" "माँ की गोद में मिलती सुरक्षा, सास की भूमिका पर उठे सवाल" अध्ययन बताते हैं कि प्रसव के बाद महिलाओं की देखभाल करने में सास की तुलना में उनकी अपनी माँ कहीं अधिक सक्रिय और संवेदनशील रहती हैं। लगभग 70 प्रतिशत प्रसूताओं को नानी से बेहतर सहयोग मिला, जबकि मात्र 16 प्रतिशत को सास से सहायता मिली। यह बदलाव संयुक्त परिवारों के टूटने और आधुनिक सोच का परिणाम है। नानी का भावनात्मक जुड़ाव और मातृत्व का अनुभव बेटी के लिए सहारा बनता है। हालांकि सास की भूमिका कमजोर पड़ना पारिवारिक संतुलन के लिए चुनौती है। ज़रूरी है कि माँ और सास दोनों मिलकर जिम्मेदारी निभाएँ। - डॉ. प्रियंका सौरभ भारतीय समाज में परिवार की भूमिका जीवन के हर पड़ाव पर महत्वपूर्ण होती है। जब घर में नया जीवन जन्म लेता है, तब यह जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।  प्रसव एक ऐसा समय है जब महिला शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद कमजोर होती है। उसे सिर्फ चिकित्सकीय सहायता ही नहीं, बल्कि गहरे स्तर पर देखभाल, सहारा और संवेदनशीलता की ज़रूरत होती है। परंपरागत रूप से यह जिम्मेदार...

"पानी से नहीं, नीतियों से हारी ज़िंदगी"बार-बार दोहराई गई त्रासदी, बाढ़ प्रबंधन क्यों है अधूरा सपना?

हरियाणा और उत्तर भारत के कई राज्य बार-बार बाढ़ की विभीषिका झेलते हैं, लेकिन हर बार नुकसान झेलने के बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नज़र नहीं आती। 2023 की बाढ़ के बाद भी करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नदियों की सफाई, नालों की निकासी और जल प्रबंधन की योजनाएं अधूरी पड़ी रहीं। नतीजा यह कि 2025 में एक बार फिर लाखों किसान अपनी मेहनत की फसल डूबते देख मजबूर हुए। सवाल यह है कि जब बाढ़ का खतरा बार-बार दस्तक देता है तो हमारी नीतियां क्यों स्थायी हल नहीं तलाश पातीं? - डॉ सत्यवान सौरभ हरियाणा में 2025 की बाढ़ कोई अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदा नहीं थी। यह वही त्रासदी है, जिसकी पुनरावृत्ति राज्य 1978, 1988, 1995, 2010 और हाल ही में 2023 में झेल चुका है। आंकड़े चौंकाने वाले हैं। केवल पिछले दो वर्षों में 657 करोड़ रुपये बाढ़ प्रबंधन पर खर्च किए गए, फिर भी इक्कीस जिलों के सैकड़ों गांव पानी में डूबे रहे, साढ़े चार लाख से अधिक किसानों की छब्बीस लाख एकड़ से ज्यादा फसल बर्बाद हो गई, हजारों परिवार बेघर हो गए और तेरह लोगों की जान चली गई। हर बार यह सवाल उठता है कि आखिर सरकारें और तंत्र क्यों एक ही गलत...

राष्ट्रीय साहित्यान्चल सम्मान हेतु डॉ. प्रियंका सौरभ और डॉ. सत्यवान सौरभ का चयन*“देश-विदेश में सक्रिय लेखन, 27 पुस्तकों के रचयिता साहित्यकार दंपत्ति का साहित्यान्चल सम्मान हेतु चयन”

(हिसार, सिवानी मंडी)  भीलवाड़ा, राजस्थान – औद्योगिक नगरी के साथ-साथ साहित्य साधना की धरा बन चुके भीलवाड़ा से एक  महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है। साहित्यांचल संस्था द्वारा घोषित परिणामों में सिवानी मंडी के गाँव बड़वा के साहित्यकार दंपत्ति डॉ. प्रियंका सौरभ और डॉ. सत्यवान सौरभ का राष्ट्रीय स्तर के सम्मान हेतु चयन हुआ है। घोषित सूची के अनुसार, डॉ. प्रियंका सौरभ का चयन “सुशीला देवी खमेसरा राष्ट्रीय साहित्यांचल सम्मान” (₹5100) और डॉ. सत्यवान सौरभ का चयन “स्वरूप सिंह खमेसरा राष्ट्रीय साहित्यांचल सम्मान” (₹5100) के लिए किया गया है। यह दंपत्ति न केवल सक्रिय साहित्यकार हैं, बल्कि प्रतिदिन देश-विदेश के हज़ारों अख़बारों में विभिन्न भाषाओं में संपादकीय लेख लिखते हैं। डॉ. सत्यवान सौरभ की अब तक 17 पुस्तकें और डॉ. प्रियंका सौरभ की 10 पुस्तकें विभिन्न विधाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। संसमयिक विषयों पर लेखन के साथ-साथ दोनों कवि-लेखक कविता, दोहे, कहानियाँ, लघुकथाएँ और बाल कविताएँ भी रचते हैं, जिससे उनकी रचनात्मकता का व्यापक स्वरूप सामने आता है। दोनों ही राजनीति विज्ञान म...

हरियाणा की ड्रीम पॉलिसी: शिक्षक तबादलों के अधूरे सपनों की हकीकत?“शिक्षा सुधार का अधूरा सपना या केवल राजनीतिक नारा?”

सरकार ने घोषणा की थी कि इस वर्ष तबादले अप्रैल में होंगे, किंतु सितंबर तक भी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। यह देरी न केवल शिक्षकों के साथ वादाख़िलाफ़ी है, बल्कि छात्रों की पढ़ाई और विद्यालयों के संचालन पर भी सीधा आघात है। हरियाणा सरकार की “ड्रीम पॉलिसी” का उद्देश्य था शिक्षक तबादलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाना। शुरुआत में इसे क्रांतिकारी कदम माना गया, लेकिन अब बार-बार शेड्यूल में देरी, तकनीकी पेचीदगियों और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण यह विवादों में घिर गई है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि सरकार ने केवल औपचारिकताएँ थोपकर वादाख़िलाफ़ी की है। इसका असर सीधे शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई न हुई तो यह नीति उपलब्धि न बनकर सरकार की विफलता का प्रतीक बन जाएगी। -डॉ. सत्यवान सौरभ हरियाणा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुचारु बनाने के उद्देश्य से कुछ वर्ष पूर्व शिक्षक तबादलों के लिए ऑनलाइन प्रणाली लागू की थी, जिसे बड़े गर्व से “ड्रीम पॉलिसी” का नाम दिया गया। इस नीति को लागू करने का तात्पर्य यह था कि अब शिक्षकों के तबादले केवल वरिष्ठ...