बागपत जिले के गांव रटौल (मेरठ की बागपत) तहसील के निकट स्थित गांव है रटोल जिसका संबंध भी अनुश्रुतियो के अनुसार रामायण काल से जुड़ा हुआ है। इस स्थान के बारे में प्रचलित है कि त्रेता में श्री राम के पिता दशरथ के द्वारा अनजाने में हत्या हो जाने से पूर्व श्रवण कुमार अपने वृद्ध और अंधे माता पिता को उनकी नेत्र ज्योति पुनः प्राप्त कराने के उद्देश्य से उन्हें तीर्थ स्थलों का भ्रमण कर आता हुआ जब इस गांव में पहुंचा तो वह माता पिता के प्रति अब तक के अपने समर्पण भाव को व्यर्थ समझकर उनके प्रति उपेक्षा पूर्ण असामान्य व्यवहार जैसी बातें उच्चारित करने लगा था ।उसने यही पर अपने अंधे माता पिता से अपनी सेवा का मूल्य मांगा था और इस व्यवहार से उसके वृद्ध और अंधे माता-पिता बड़े आश्चर्य में पड़ गए ।उन्होंने श्रवण कुमार से कहा कि इस गांव की सीमा से बाहर पहुंचाने पर वे उसे उसकी सेवा का मूल्य चुकाएंगे ।किंतु उस सीमा से बाहर आने पर अकस्मात ही श्रवण कुमार पुनः अपना पूर्व सामान्य व्यवहार करने लगा और उसकी बुद्धि पुनः पहले जैसी हो गई तथा उसने अपने असामान्य व्यवहार के प्रति चिंता व्यक्त की अपराध बोध वश अपने माता पिता के चरणों में गिरकर रोने लगा और क्षमा याचना करने लगा ।इस घटना को श्रवण कुमार का मतिभ्रम कहकर सुना और सुनाया जाता है।
शाहिद खान संवाददाता पीलीभीत* पीलीभीत: संगम फाउंडेशन व हिंदी उर्दू मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक शानदार नातिया मुशायरा जश्ने ईद मिलादुन्नबी के सिलसिले में हाजी ज़हीर अनवर की सरपरस्ती में ग्रेस पब्लिक स्कूल ख़ुदा गंज में आयोजित किया गया जिसकी *सदारत मौलाना मुफ्ती हसन मियां क़दीरी* ने की, निज़ामत का कार्य ज़ियाउद्दीन ज़िया एडवोकेट ने किया जनाबे सदर हसन मियां कदीरी ने अपने कलाम मे कहा जलवाए हुस्ने इलाही प्यारे आका की है जात,रुख से रोशन दिन हैं उन के जुल्फ़ का सदका है रात मुशायरा कनवीनर मुजीब साहिल ने यूं फरमाया दिल के बोसीदा ज़ख्म सीने को इश्क वाले चले मदीने को हाशिम नाज़ ने अपनी नात पढ़ते हुए कहा बिना ज़िक्रे नबी मेरी कोई पहचान थोड़ी है,कि नाते मुस्तफा लिखना कोई आसान थोड़ी है नाजिम नजमी ने अपने कलाम में यूं कहा सुकूने दिल नहीं मिलता उसे सारे जमाने में बुलालो अबतो आका मुझ को अपने आस्ताने में हर सिमत यहां बारिशे अनवारे नबी है उस्ताद शायर शाद पीलीभीती ने अपने मखसूस अंदाज में कहा बन के अबरे करम चार सू छा गए जब जहां में हबीबे खुद...



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