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*अम्बेडकर-वादी और भीमवादी कौन*



*(1)--कृपया इस पर गौर करो अम्बेडकर-वादी नही बल्कि भीमवादी बनकर फैसला करो और फिर पढ़ो*


*(2)--सवाल यह उठता है कि अम्बेडकर-वादी और भीमवादी कौन* 


*(3)--सवाल यह उठता है कि क्या अम्बेडकर-वादी लोग रामराज-मनुराज सरकार का उदय कर रहे है कि भीमवादी लोग रामराज-मनुराज सरकार का उदय कर रहे है* 


*(4)--सवाल यह उठता है कि मान्यवर काँशीराम साहब अम्बेडकर-वादी थे कि भीमवादी थे*


*(5)--सवाल यह उठता है कि अम्बेडकर-वादी और भीमवादी दोनो मे कौन काँग्रेस-BJP से गठबंधन करते है*


*(6)--सवाल यह उठता है कि आज तक देश के लोगो को अम्बेडकर-वादी शब्द ही पता है ये लोग अम्बेडकर-वादी शब्द के अलावाँ भीमवादी शब्द जानते है* 


*(7)--सवाल यह उठता है कि भीमवादी शब्द का प्रयोग व इस्तेमाल व उदय बहुजन हसरत पार्टी BHP क्यों करी है*


*(8)--बहुजन समाज पार्टी BSP जैसे बामसेफ का उदय करी है*


*(9)--ठीक उसी तरह क्या बहुजन हसरत पार्टी BHP लामसेफ का उदय करी है*


*(10)--सवाल यह उठता है कि क्या अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मे नालायक नौटंकीबाज टपोरी सड़क छाप नेतागण लोग ही बामसेफ के टुकड़े कर दिये है* 


*(11)--सवाल यह उठता है कि जिस अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मे नालायक नौटंकीबाज टपोरी सड़क छाप नेता-नूती जैसे बामसेफ के टुकड़े कर दिये है यह बामसेफ वाले ही अम्बेडकर-वादी बनकर काँग्रेस-BJP से चन्द सीट पर गठबंधन करके खुद रामराज-मनुराज सरकार का उदय किये हुए है*


*(12)--सवाल पर सवाल इसलिए उठ रहा है और पैदा हो गया है कि 18/3/1956 बाबा-साहेब ने आगरा मे क्यों कहा था कि मुझे पढ़े-लिखो ने धोखा दिया है*


*(13)--सवाल यह उठता है कि जिन्होंने ने बाबा साहेब को धोखा दिया था ऐसे ही लोग बामसेफ के टुकड़े करके विश्व ज्ञानी बाबा-साहेब के ऐकला आदर्शवादी चेला भीमवादी दलित बब्बर शेर मान्यवर काँशीराम साहब को धोखा देकर बामसेफ के टुकड़े कर दिये थे ऐसे लोगो को क्या अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मे नालायक नौटंकीबाज टपोरी सड़क छाप नेतागण कहना उचित होगा कि नही--?*


*(14)--सवाल यह उठता है कि अम्बेडकर-वादी लोग आखिर क्यों काँग्रेस/BJP से चन्द सीट पर गठबंधन करके खुद रामराज-मनुराज सरकार का उदय क्यों कर रहे है*


*(15)--सवाल यह उठता है कि अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मे नालायक नौटंकीबाज टपोरी सड़क छाप नेतागण कि हरामीपन्ती-मटरगश्ती कि वजह से काँग्रेस और BJP EVM-कोलजियम को जिन्दा रखने मे कामयाब हो गई है*


*(16)--सवाल यह उठता है कि बामसेफ के टुकड़े करने वाले जब बाबा-साहेब और मान्यवर काँशीराम साहब के साथ वफादारी नही दिखा पाये तो क्या ये चार दिवारी मे बड़ी-बड़ी डींगे मारने वाले चन्द चार किताबे पढ़कर खुद को बाबा-साहेब के समकक्ष समझने वाले अम्बेडकर-वादी लोग बुद्ध के शूद्र जो आज के Muslim Sc St Obc वंचित हजारो कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोग है इनके हक-अधिकार को बचा पायेंगे अर्थात सुरक्षित रख पाएंगे*


*(17)--उपाय/हल/पहल/कोशिश/रणनीति इस प्रकार अम्बेडकर-वादी नही बल्कि भीमवादी बनकर करनी होगी--?*


*(18)--काँग्रेस/BJP के अंदरूनी साँठगाँठ वाले आधुनिक युग के हथियार काँग्रेसी EVM देवता यंत्र मशीन से देश को सिर्फ भीमवादी-हसरत मोहानी-वादी लोगही बचा सकते है*


*(19)--काँग्रेस/BJP को धूल चटाकर दिन मे तारे दिखाने कि औकात-हैंसियत अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी नेतागण के पास नही है*


*(20)--काँग्रेस/BJP को धूल चटाकर दिन मे तारे दिखाने कि औकात-हैंसियत क्या लालू प्रसाद यादव स्व-० मुल्ला-मुलायम सिंह यादव/उनके नादान नासमझ लड़के अखिलेश यादव व नीतीश कुमार व स्व-० राम विलास पासवान जो अवसर-वादी से ज्यादा घटिया जग जीवन राम से बहुत ही अलग व नवीन पटनायक व स्व-०अजीत सिंह व उनके बेटे जयंत चौधरी आदि के पास है या ये सभी लोग शरद पवार व ममता बनर्जी व अरविंद केजरीवाल के अधीन रहकर काँग्रेस/BJP को टक्कर देने मे कामयाब है या नही---?*


*(21)--सवाल यह उठता है कि अम्बेडकर-वादी और भीमवादी तथा रामवादी और मनुवादी और रामराज और मनुराज व भीमराज व शूद्रराज मे कौन देशहित-जनहित मे है कौन देशहित-जनहित के विरूद्ध है*


*(22)--सवाल यह उठता है कि अम्बेडकर-वादी लोग लोकतंत्र-संविधान-मानवता-भाईचारा व मौलिक-अधिकार व देश कि आन-बान-शान कि रक्षा और हिफाजत कर सकते है*


*(23)--सवाल यह उठता है कि देश को इन अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मे नेता-नूती से तथा काँग्रेसी EVM देवता यंत्र मशीन से तथा कोलजियम-सिस्टम वाली अदालत के वंशा-नुगत घराने के जजगण लोगो के आतंक से कौन बचायेगा*


*---------------जो दल/पार्टी काँग्रेस-BJP से गठबंधन करते है वे लोग कभी भी नही चाहेंगे कि काँग्रेसी EVM देवता यंत्र व कोलजियम सिस्टम वाली अदालत बंद होवे*


*(24)--काँग्रेस/BJP से सीधे-सीधे चन्द सीट पर गठबंधन करके रामराज-मनुराज सरकार बनाने वाले अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मे नालायक नौटंकीबाज टपोरी सड़क छाप नेतागण सिर्फ अपना फायदा कर सकते है*


*(25)--परन्तु बुद्ध के शूद्र जो आज के Muslim Sc St Obc वंचित हजारो कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोगो का उद्धार और भला करने जायेंगे तो ये चन्दनधारी भगवाधारी त्रिशूलधारी जनेऊधारी चोटीधारी तत्कालीन प्रधानमंत्री वी•पी• सिंह साहब कि तरह बर्बाद कर देगे*


*(26)--आज उदित राज रामदास आठवले लालू प्रसाद यादव व नीतीश कुमार व स्व मुल्ला-मुलायम सिंह यादव व स्व राम विलास पासवान व नवीन पटनायक अरविंद केजरीवाल व ममता बनर्जी शरद पवार आदि लोग काँग्रेस-BJP कि सरकार केंद्र मे पक्ष-विपक्ष के रूप मे बनाते फिर रहे है और ये नेता-नूती खुद अपने हाँथ से भीमराज-शूद्रराज का उदय न करके भीमराज-शूद्रराज का गला घोंट रहे है*


*(27)--जो काँग्रेस-BJP-EVM-कोलजियम के खिलाफ आवाज उठाने कि औकात रखता है आन्दोलन करता है जंग का ऐलान करता है दफन करने कि हिम्मत दिखाता है वही भीमवादी क्षत्रिय/दलित/मुस्लिम/यादव/कहलाता है*


*(28)--जो काँग्रेस-BJP-EVM-कोलजियम के तलवे चाटकर चन्द सीट पर गठबंधन करके खुद रामराज-मनुराज सरकार का उदय करता है वही अम्बेडकर-वादी कहलाता है*


*(29)--जो समाज के हक-अधिकार-सुरक्षा-प्रगती के खिलाफ कानून बनाते है ऐसे काँग्रेस-BJP को अपने तुच्छ स्वार्थ के लिए समर्थन करते है अवसरवादी नेता-नुती को अम्बेडकर-वादी कहते है।*


*(30)--जो 6743×7=------जाति में बाँटे गए "बुद्ध के शूद्रों" को लामबंद करने वाले भीमवादी नेताओं को रोकने के लिए जो दलाल का काम करते है ऐसे अवसरवादी नेता-नूती को अम्बेडकर-वादी कहते है।*


*(31)--वेदों कि धज्जियाँ उड़ाकर शूद्रों को हुक्मरान बनाने वाले बुद्ध के विरासत को जड़ से मिटाकर बुद्ध के शूद्रों को पुनःह मनुराज के तहत गुलाम बनाने के लिए आतुर पंडित पुजारी कि पार्टी काँग्रेस-BJP से 1-2 सीट के लिए चापलूसी-गुलामी करने वाले तथा बुद्ध के शूद्र जो आज के Muslim Sc St Obc वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोग है इनके वोट को RSS-BJP कि जननी काँग्रेस पार्टी के पक्ष मे करने वाले चमचे-नुमा नेतागण को ही अम्बेडकर-वादी कहते है*


*(32)--जिसका मकसद ही मनुस्मृति रूपी काँग्रेसी EVM देवता यंत्र व कोलजियम-सिस्टम को उखाड़कर खत्म करना है ऐसे बुद्ध के शूद्रों कि पार्टी को भीमवादी पार्टी कहा जाता है जैसे बहुजन समाज पार्टी व बहुजन हसरत पार्टी BHP आदि-आदि-आदि है।*


*(33)--वेदों कि धज्जियाँ उड़ाकर शूद्रों को हुक्मरान बनाने वाले बुद्ध कि भाँति पुनःह "बुद्ध के शूद्र" को हुक्मरान समाज बनाने जा रहे महामानव डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर जी को रोकने-व उनका विरोध करने के लिए काँग्रेस ने विभीषण-वादी अपने चमचे दलित समाज के नही बल्कि दलिद्र समाज के श्री बाबू जगजीवन राम को खड़ा किया था इसलिए काँग्रेस के इशारे पर बाबासाहेब का विरोध करने वाले बुद्ध के शूद्र को गुमराह करके गुलाम-रखैल बनाने वाले जग जीवनराम कि नस्लों को अम्बेडकर-वादी कहना चाहिए तर्क करो।*


*(34)--1967 में 9-राज्यो में बुद्ध के शूद्र ने गैर-काँग्रेस गैर-ब्राम्हण कि सत्ता बनाने वाले बुद्ध के शूद्र काँग्रेसी मोरार जी देसाई और काँग्रेसी समाजवादी जयप्रकाश नारायण ने कालेलकर आयोग लागू करेंगे तथा दलित नही दलिद्र जगजीवन राम को प्रधानमंत्री बनाएंगे इस लालच मे आकर ''समाजवादी'' शब्द कि जाल में फँसकर ''भीमवादी-सरकार'' बनाने कि बजाय जनता पार्टी के नाम से मोरार जी देसाई को P.M बनाने वाले बुद्ध के शूद्र को अम्बेडकर-वादी कहते है।*


*(35)--बुद्ध के शूद्र यानि MUSLIM SC ST OBC को बहुजन नाम से लामबंद करके मंडल आयोग लागू करो वरना कुर्सी खाली करो आंदोलन से काँग्रेस-BJP को उखाड़ फेंककर बहुजनों कि भीमवादी सरकार बनाने जा रहे भीमवादी दलित बब्बर शेर मान्यवर काँशीराम साहब का साथ देने के बजाय पुनःह ''समाजवादी'' नाम के जाल में फँसकर --जनता-दल-- कि सरकार बनाने वाले बुद्ध के शूद्र को अम्बेडकर-वादी कहना उचित होगा कि नही तर्क करो।*


*(36)--BJP के साथ मिलकर परमाणु डील मुद्दे पर भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी/ BSP को प्रधानमंत्री बनने से रोककर अल्पमत में आयी काँग्रेस कि सरकार को बचाने वाली काँग्रेस-BJP के प्यादे मुल्ला-मुलायम सिंह यादव व उनकी समाजवादी पार्टी साथ देने वाले MUSLIM SC ST OBC नेता-नीति को अम्बेडकर-वादी कहना चाहिए।*


*(37)--बुद्ध के शूद्रों के वोट के अधिकार को खत्म करने वाले ''मनुराज-रामराज'' को स्थापित करने वाले EVM के खिलाफ ''ऐलान ऐ जंग'' करने वाली भीमवादी दलित शेरनी का साथ न देने वाले को क्या अम्बेडकर-वादी कहते है।*


*(38)--भारत का बँटवारा करके मुस्लिम भाईयों के 35% आरक्षण को खत्म करने वाली काँग्रेस ने ही ''बाबरी-मस्जिद'' में रामलल्ला कि मूर्ती रखवाकर अपनी पैदा कि हुई  B-टीम BJP से पर्दे के पीछे से ''बाबरी-मस्जिद'' का कत्लेआम करवाने वाली तथा मुस्लिम समाज को BJP का डर दिखाकर मुस्लिम समाज के वोट पर डाका डालने वाली राहुल गाँधी कि काँग्रेस जिस तरह वफादार मुस्लिम-कौम कि वोट को लूट रही है तथा काँग्रेस ही RSS-BJP कि जननी है तथा मुस्लिमों कि सबसे बड़ी दुश्मन है ये मालूम होने के बावजूद जो मुस्लिम-कौम के चन्द बड़े नेता-नूती काँग्रेस कि सरकार बनाने के लिए मुस्लिम भाईयों को मजूबर करते है तथा मजहब के नाम पर उन्हे गुमराह कर रहे है उन्हें मुस्लिम-कौम के नेतागण को अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी मुस्लिम-विरोधी मुस्लिम नेता कहते है*


*(39)--काँग्रेस का अध्यक्ष होने के नाते प्रधानमंत्री बनने का अधिकार होते हुए भी मौलाना अबुल कलाम आजाद मुस्लिम होने के चलते मोहनदास करमचंद गाँधी व काँग्रेस ने आजाद को प्रधानमंत्री नही बनाया तथा विश्व ज्ञानी बाबा-साहेब द्वारा संविधान में मुस्लिम भाईयों को दिए जा रहे आरक्षण का विरोध मौलाना अबुल कलाम आजाद ने क्यों किया था क्या वाकई मे काँग्रेस ने मौलाना अबुल कलाम आजाद को डराया-धमकाया था तर्क करो*


*(40)--1947 आजादी से लेकर 2021 तक काँग्रेस-BJP ने OBC जनगणना न करके OBC समाज को आरक्षण से वंचित करके व उन्हे बर्बाद करने के लिए जो जोरदार घटिया चाल चली है उसके बावजूद काँग्रेस-BJP मे सामिल होकर तथा गठबंधन करके काँग्रेस-BJP के ''मनुराज-रामराज'' कि सरकार बनाने वाले OBC नेता को अम्बेडकर-वादी कहना चाहिए तर्क करो।*


*(41)--अपने गृह-राज्यों के बाहर एक भी वोट एक-दूसरे को ट्रान्सफर करने कि हैसियत न होने के बावजूद बार-बार समाजवादी शब्द जैसे ढोंगी नाम के जाल में फँसने वाले 16-टुकड़ो में बँटे जनता-दल के पूर्व नेता पुनःह काँग्रेस-BJP कि सरकार बनाने के लिए क्यों तुले हुए है आखिर क्या मजबूरी है।*


*(42)--काँग्रेस-BJP को मालूम है कि देश मे दलित+मुस्लिम कि आबादी 45% से 50% इर्द-गिर्द है और 36-राज्य में से 15 राज्यो में जय भीम के नारे से M.P/M.L.A चुनकर लाने वाली भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी/BSP इस काँग्रेस-BJP व 16-टुकड़ो मे विभाजित मूल/जनता-दल वाले अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी नेता-नूती तथा केजरीवाल-ममता बैनर्जी आदि लोग खुद को आगे करके समय-समय पर तीसरा मोर्चे बनाने का नाटक करते है परन्तु BSP को तीसरे मोर्चे मे सामिल नही करते है क्योंकि यदि BSP को तीसरे मोर्चे कि कमान देते तो यह तीसरा मोर्चा भीमवदी का अवतार लेकर पंडित-पुजारी कि पार्टी काँग्रेस-BJP का सत्यानाश करने मे जरा भी देरी नही करेगा*


*(43)--काँग्रेस-BJP को देश लेवल पर खत्म करने की हैसियत रखने वाली भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी/BSP के नेतृत्व में ये अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी नेतागण तीसरा मोर्चा क्यों नही बनाते है बहुजन हसरत पार्टी BHP देशहित-जनहित मे इनसे सवाल करती है*


*(44)--इन अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी नेता-नूती लोगो को चाहिए कि भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी के नेतृत्व में तीसरा मोर्चा का गठन करे तो 2024 में ही इस काँग्रेस-BJP का देश-प्रदेश में फौरन अंत हो जाएगा।*


*(45)--यदि भीमवादी दलित शेरनी प्रधानमंत्री बनती है तो 1931 काँग्रेस-BJP ने रोकी हुई OBC जनगणना पलक झपकते ही फौरन हो जाएगी तथा मुस्लिम समाज को नवाबी भी हँसते-हँसते मिल जाएगी।*


*(46)--इसलिए काँग्रेस-BJP कि चाटुकरिता करने के बजाय EVM के खिलाफ आन्दोलन करके ये अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी नेतागण जबरदस्ती भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती के नेतृत्व में तीसरे मोर्चे का गठन करके बहन मायावती जी को अब जबरजस्ती प्रधानमंत्री बना देवे यही समय कि माँग भी है और देश कि मजबूरी भी है तभी बुद्ध के शूद्र जो आज के Muslim Sc St Obc वंचित हजारो कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोगो का भला हो पायेगा।*


*(47)--काँग्रेस-BJP को देश से उखाड़ फेंकने कि हैसियत रखने वाली भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी के नेतृत्व में तीसरा मोर्चा बनना उतना ही जरूरी है जितना रेगिस्तान मे प्यासों को पानी कि जरूरत होती है फिर देखना कैसे ये भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी इस काँग्रेस-BJP के आपसी नूरा-कुश्ती का कैसे अंत करती है।*


*(48)--इसलिए बुद्ध के शूद्र आज के MUSLIM SC ST OBC वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोग है ये सभी अम्बेडकर-वादी नही बल्कि भीमवादी बनकर इस देश से काँग्रेस-BJP को उखाड़ फेंकने के लिए ऐसे नारा का आगाज कर दिये है कि....* 


*👉-बुद्ध के शूद्रों ने ये दिल मे ठाना है...*


*👉-भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी को P.M/प्रधानमंत्री बनाना है.....*


*👉-दलित-मुस्लिम साथ चलेगा OBC अब राज करेगा....*


*👉-खोलो अपनी आँख मुस्लमाँ छीन लो अपनी नवाबी*


*👉-वरना अब माना जायेगा सब तुम में है खराबी*


*👉-होश मे आकर दलित-मुस्लिम का राग अलापो*


*👉-1943-बंगाल कि तरह एक होकर रामराज-मनुराज के राज को नापो*


*👉-घटिया पार्टी घटिया सोंच वाली काँग्रेस-BJP के स्तर को जानो*


*👉-क्या सच कहती है ये बहुजन हसरत पार्टी BHP अब तो इसकी बात तो मानो* 


*👉-दलित-मुस्लिम जिस दिन बंगाल कि भाँति एक हो गया*


*👉-मानो उस दिन काँग्रेस-BJP-EVM-कोलजियम का अंत हो गया*


*👉-दलित-मुस्लिम का मान लो सीधे-सीधे अब कल्याण हो गया*


*👉-पंडित पुजारी कि पार्टी काँग्रेस/BJP का अब मानो सत्यानाश हो गया*


*👍-Note--नोट--Note--नवाबी का मतलब आज का M.P-M.L.A-C.M व डिप्टी P.M होता है इसलिए भीमवादी दलित बब्बर शेर या भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती को नवाबी-मुद्दे पर प्रधानमंत्री बनाकर नवाबी छीन लो*


*🙏👏🙏-लिखने में कोई गलती हुई हो तो कृपया देशहित-जनहित में क्षमा कीजिए यदि लेख सही लगे तो देश के कोने-कोने मे अम्बेडकर-वादी नही बल्कि भीमवादी बनकर फैला दो जिससे रामराज-मनुराज सरकार का अंत हो जावे और भीमराज-शूद्रराज का उदय हो जावे*


*मुहम्मद मैराज शेख*

*संस्थापक-राष्ट्रीय-अध्यक्ष : बहुजन हसरत पार्टी-BHP*




*9819316944      9/5/23--*

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