सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

डायबिटीज और हाइपरटेंशन है? यानी *दातून करना भूल चुके* हो...तो *वापसी कीजिये, तुरंत!*

 ✊🚩


🤒डायबिटीज और हाइपरटेंशन है? यानी *दातून करना भूल चुके* हो...तो *वापसी कीजिये, तुरंत!*


🤷🏻‍♂️सन 1990 से पहले कितने लोगों को *डायबिटीज़ होता था?* कितने लोग *हाइपरटेंशन* से त्रस्त थे? नब्बे के दशक के साथ *हर घर में एक डायबिटीज़* और *हाई ब्लड प्रेशर का रोगी* आ गया, क्यों? बहुत सारी वजहें होंगी, जिनमें हमारे *खानपान में बदलाव* को सबसे *खास माना जा सकता* है। बदलाव के उस दौर में एक *चीज बहुत ख़ास थी* जो *खो गयी*, पता है ना क्या है वो? *दातून* ?...गाँव देहात में आज भी लोग *दातून इस्तमाल* करते दिख जाएंगे लेकिन शहरों में *दातून पिछड़ेपन* का संकेत बन चुका है। गाँव देहात में *डायबिटीज़ और हाइपरटेंशन* के रोगी यदा कदा ही दिखेंगे या ना के बराबर ही होंगे। वजह साफ है, ज्यादातर लोग आज भी *दातून करते* हैं।  *डायबिटीज़ और हाइ ब्लड प्रेशर* के साथ *दातून का क्या संबंध, यही सोच* रहे हो ना?..तो आज *आपका दिमाग हिल* जाएगा..और फिर सोचिएगा, हमने क्या खोया, क्या पाया?🤔


✊ये जो बाज़ार में *टूथपेस्ट और माउथवॉश* आ रहे हैं ना, *99.9% सूक्ष्मजीवों* का नाश करने का दावा करने वाले, उन्हीं ने *सारा बंटाधार* कर दिया है। ये *माउथवॉश और टूथपेस्ट* बेहद *स्ट्राँग एंटीमाइक्रोबियल* होते हैं और हमारे मुंह के *99% से ज्यदा सूक्ष्मजीवों को वाकई मार गिराते* हैं। इनकी मारक क्षमता इतनी जबर्दस्त होती है कि ये मुंह के उन *बैक्टिरिया का भी खात्मा* कर देते हैं, जो हमारी *लार (सलाइवा)* में होते हैं और ये वही बैक्टिरिया हैं जो हमारे शरीर के *नाइट्रेट (NO3-)* को *नाइट्राइट (NO2-)* और बाद में *नाइट्रिक ऑक्साइड (NO)* में *बदलने में मदद* करते हैं। जैसे ही हमारे शरीर में *नाइट्रिक ऑक्साइड* की कमी होती है, *ब्लड प्रेशर* बढ़ता है। ये दुनियाभर की रिसर्च स्ट्डीज़ बताती हैं कि *नाइट्रिक ऑक्साइड* का कम होना *ब्लड प्रेशर को बढ़ाने* के लिए जिम्मेदार है। जर्नल ऑफ क्लिनिकल हायपरेटेंस (2004) में *'नाइट्रिक ऑक्साइड इन हाइपरटेंशन'* टाइटल के साथ छपे एक रिव्यु *आर्टिकल में सारी जानकारी विस्तार से* छपी है। और, *नाइट्रिक ऑक्साइड* की यही कमी *इंसुलिन रेसिस्टेंस* के लिए भी जिम्मेदार है। समझ आया खेल? *नाइट्रिक ऑक्साइड* कैसे बढ़ेगा जब इसे बनाने वाले *बैक्टिरिया का ही काम तमाम* कर दिया जा रहा है? *ब्रिटिश डेंटल* जर्नल में 2018 में तो बाकायदा एक स्टडी छपी थी जिसका टाइटल ही *’माउथवॉश यूज़ और रिस्क ऑफ डायबिटीज़’* था। इस स्टडी में बाकायदा *तीन साल तक उन लोगों पर अध्धयन* किया गया जो दिन में कम से कम *2 बार माउथवॉश* का इस्तमाल करते थे और पाया गया कि *50% से ज्यादा लोगों को प्री-डायबिटिक या डायबिटीज़ की कंडिशन* का सामना करना पड़ा।


🤷🏻‍♂️अब *बताओ करना क्या* है? कितना *माउथवॉश यूज़* करेंगे? कितने टूथपेस्ट लाएंगे *सूक्ष्मजीवों को मार* गिराने वाले? दांतों की फिक्र करने के चक्कर में आपके पूरे शरीर की *बैंड बज* रही है सरकार.. गाँव देहातों में तो *दातून का भरपूर इस्तेमाल* हो रहा है, और ये दातून *मुंह की दुर्गंध भी दूर* कर देते हैं और सारे *बैक्टिरिया का खात्मा* भी नहीं करते।  अब आप सोचेंगे *टूथपेस्ट और माउथवॉश* को लेकर इतनी पंचायत कर ली तो *दातून के प्रभाव* को लेकर किसी क्लिनिकल स्टडी की बात क्यों नही की? तो भई, अब दातून से *जुड़ी स्टडी की भी बात* हो जाए। 

🌳बबूल और नीम की *दातून को लेकर एक क्लिनिकल स्टडी* जर्नल ऑफ क्लिनिकल डायग्नोसिस एंड रिसर्च में छपी और बताया गया कि *स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटेंस की वृद्धि* रोकने में ये दोनों जबर्दस्त तरीके से कारगर हैं। ये वही *बैक्टिरिया है जो दांतों को सड़ाता* है और *कैविटी का कारण* भी बनता है। वो सूक्ष्मजीव जो *नाइट्रिक ऑक्साइड* बनाते हैं जैसे *एक्टिनोमायसिटीज़, निसेरिया, शालिया, वीलोनेला* आदि दातून के शिकार नहीं होते क्योंकि इनमें वो *हार्ड केमिकल कंपाउंड* नहीं होते जो *माउथवॉश और टूथपेस्ट* में डाले जाते हैं। 


🌳आदिवासी दांतों पर दातून घुमाने के बाद *एकाध बार थूकते* है, बाद में *दांतों पर दातून की घिसाई* तो करते हैं और *लार को निगलते जाते* हैं? लिंक समझ आया? *लार में ही तो असल* खेल है। ये हिंदुस्तान का *ठेठ देसी ज्ञान* है ।


✊ मुद्दे की बात ये है कि वापसी करो, थोड़ा *भटको और चले आओ दातून* की तरफ..कसम से।


✊बासी पानी जे पिये, ते नित हर्रा खाय।

मोटी दतुअन जे करे, ते घर बैद न जाय।।


 *Hakeem Ghayas Uddin Hashmi*

(Chairman)

 *Swadeshi Sewa* 

 *Sabke sukh me* *swayam ka sukh*

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

संगम फाउंडेशन व हिंदी उर्दू मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक शानदार नातिया मुशायरा हुआ*

शाहिद खान संवाददाता पीलीभीत*  पीलीभीत: संगम फाउंडेशन व हिंदी उर्दू मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक शानदार नातिया मुशायरा जश्ने ईद मिलादुन्नबी के  सिलसिले में  हाजी ज़हीर अनवर की सरपरस्ती में ग्रेस पब्लिक स्कूल ख़ुदा गंज में आयोजित किया गया जिसकी *सदारत मौलाना मुफ्ती हसन मियां क़दीरी* ने की, निज़ामत का कार्य ज़ियाउद्दीन ज़िया एडवोकेट ने किया जनाबे सदर हसन मियां कदीरी ने अपने कलाम मे कहा जलवाए हुस्ने इलाही प्यारे आका की है जात,रुख से रोशन दिन हैं उन के जुल्फ़ का सदका है रात मुशायरा कनवीनर मुजीब साहिल ने यूं फरमाया दिल के बोसीदा ज़ख्म सीने को इश्क  वाले  चले  मदीने   को हाशिम नाज़ ने अपनी नात पढ़ते हुए कहा बिना ज़िक्रे नबी मेरी कोई पहचान थोड़ी है,कि नाते मुस्तफा लिखना कोई आसान थोड़ी है नाजिम नजमी ने अपने कलाम में यूं कहा सुकूने दिल नहीं मिलता उसे सारे जमाने में बुलालो अबतो आका मुझ को अपने आस्ताने में हर सिमत यहां बारिशे अनवारे नबी है उस्ताद शायर शाद पीलीभीती ने अपने मखसूस अंदाज में कहा  बन के अबरे करम चार सू छा गए जब जहां में हबीबे खुद...

*EVM नये-छोटे-दलों का तथा BSP का उदय केंद्र मे नहीं होने दे रहा है*

(1)-पंडित पुजारी कि पार्टी काँग्रेस-BJP के नाटकीय नूरा-कुश्ती के खेल से 99% लोग अंजान है एक तरफ राहुल गाँधी भारत-जोड़ो-यात्रा का ढोंग कर रहे है तो दूसरी तरफ खडगे और शशी थरूर मे टक्कर दिखाकर खडगे (दलित) को काँग्रेस का अध्यक्ष बनाकर RSS-BJP कि जननी काँग्रेस BSP/भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी को शिकस्त देने के लिए दाँव-पेंच खेली है तथा इन बुद्ध के शूद्रो पर जो आज के MUSLIM SC ST OBC वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोग है इन्हे राजनीति के क्षेत्र में नपुंसक व अपाहिज बनाने के लिए जबरजस्त बेहतरीन चाल भी चली है इसलिए अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मा न बनकर 'भीमवादी-बनो' बहुजन हसरत पार्टी BHP कि बात पर तर्क करो गलत लगे तो देशहित-जनहित मे माफ करो* *(2)-जब-जब BSP को तोड़ा गया तब-तब Muslim Sc St Obc बुद्ध के शूद्र वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोगो ने उसके अगले ही चुनाव में BSP को 3-गुना ज्यादा ताकतवर बनाकर खड़ा किया है जैसे-1993/1995/1997 व 2002-03 में BSP को अ-संवैधानिक तरीके से तोड़कर समाजवादी पार्टी व BJP...

बहेड़ी से 50 जायरीनों का ऐतिहासिक उमराह सफर, शहर में जश्न का माहौल

बहेड़ी, बरेली: गुरुवार को बहेड़ी से 50 जायरीनों का एक बड़ा और ऐतिहासिक काफिला उमराह के मुकद्दस सफर पर रवाना हुआ।  इस काफिले में हमारे व्यापार मंडल के प्रमुख सदस्य मोहम्मद नईम (सर) हाजी अजीम चिश्ती सहित शहर के कई अन्य लोग और उनके परिवारों के लोग शामिल थे, जिससे पूरे नगर में खुशी और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। इस पाक सफर पर जाने वालों में व्यापार मंडल के साथी मोहम्मद नईम साहब, हाजी अजीम चिश्ती, हाजी इकरार अहमद और तौफीक नूरी प्रमुख थे। इस बड़े समूह को विदाई देने के लिए राजनेताओं, समाजसेवियों, और सभी समुदायों के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। जायरीनों को फूल-मालाओं से लादकर विदा किया गया, व्यापार मंडल के अध्यक्ष सलीम रहबर के नेतृत्व में मीडिया प्रभारी वसीम आइडिया, उपाध्यक्ष बबलू अमीर, उमर रशीद, युवा अध्यक्ष नदीम फैंसी, तैयब कासमी, हाजी इरशाद, और ज़लीस शाहजी समेत कई पदाधिकारी और सदस्य जायरीनों से मिले और उनके लिए दुआएँ कीं। इस मौके पर लईक शेरी, वासिफ संगम, नाजिम अनीस, और आसिफ विलियम जैसे अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। शहर भर के लोगों ने दिल से दुआएँ की कि अल्लाह ...