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*राहुल गाँधी कि सदस्यता रद्द के पीछे का बनावटी खेल समझो*



*ऐलान:--मै काँग्रेसी देवता यंत्र मशीन हूँ---हे बुद्ध के शूद्रो आप लोग ही आज के Muslim Sc St Obc वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन हो मेरी बात समझो रे:--काँग्रेस पार्टी के पिंजरे मे ऐसे न जाने कितने मोदी/योगी/अमीत शाह पल रहे है मै काँग्रेसी Evm देवता यंत्र मशीन उदाहरण दे रहा हूँ यदि उदाहरण गलत लगे तो तभी मुझे तोड़ना/फोड़ना-ok/OK/ok अगर उदाहरण सही लगे तो मेरा अंतिम संस्कार गाजे-बाजे के साथ करके ही ''बैलेट-पेपर'' से चुनाव कराना--वरना मेरी आत्मा सभी को परेशान करेगी लो मेरे जैसा यह काँग्रेसी EVM देवता यंत्र कुछ उदाहरण पेश करता हूँ जिसे झूठा नही सब सच समझकर ही समझना तभी काँग्रेस-BJP से टक्कर ले पाओगे क्योंकि काँग्रेस-BJP दोनो एक ही है*

*(1)-उदाहरण:--काँग्रेस का राजकुमार राहुल गाँधी लोकसभा का चुनाव जो अमेठी-(U.P) और वायनाट-(केरला) दोनो जगह से लड़ा था राहुल गाँधी वह चुनाव सिर्फ अमेठी से ही लड़ा होता तो कल कि बचकानी स्मृति इरानी क्या पूरे BJP वाले मिलकर RSS-BJP कि जननी काँग्रेस के राजकुमार राहुल गाँधी को चुनाव हरा नही पाते--?* 

*(2)-उदाहरण:--2019 मे RSS-BJP कि जननी काँग्रेस पार्टी के राजकुमार राहुल गाँधी ने दो जगह से चुनाव लड़कर चुनाव के पहले इशारा कर दिया था कि मै दो जगह से चुनाव इसलिए लड़ रहा हूँ जिससे मेरे बुजुर्गो द्वारा पैदा कि हुई B-टीम BJP कि सरकार इस बार 2019 मे भी बन जावे और जो काम हमारे बुजुर्गो ने छोड़कर चले गए थे वह काम जैसे अटल बिहारी गाँधी उर्फ वाजपेयी ने किया था वाजपेई से छुपा हुआ और छुटा काम जो बाकी है वह छुटा हुआ काम अटल बिहारी गाँधी उर्फ वाजपेई का चेला जटाधारी-फेकूचन्द मोदी कर सके--* 

*(3)-उदाहरण:--ठीक वैसा सभी काम हो भी रहा है याद करो तर्क करो सोंचो जब राहुल गाँधी अमेठी से चुनाव लड़ रहे थे तो U.P कि 2-कद्दावर पार्टी सपा-बसपा/SP-BSP दोनो ने इस काँग्रेस के राजकुमार राहुल गाँधी को और रायबरेली से उनकी माँ सोनियाँ गाँधी के खिलाफ कोई अपना उम्मीदवार प्रत्याशी नही उतारे थे इसके बावजूद राहुल गाँधी को एक मामूली टीवी सीरियल कि बचकानी स्मृति इरानी चुनाव कैसे हरा दिया*

*(4)-उदाहरण:--अब सोंचो और तर्क करो कि 2013-मे काँग्रेस के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 8/10/13 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश कि धज्जियाँ उड़ाकर वगैर VVPAT लगाये कैसे 2014 का चुनाव कराकर BJP कि सरकार क्यों बनवाई*

*(5)-उदाहरण--2014 मे 44-सीट और 2019 मे 52-सीट पर काँग्रेस सीमट कर कैसे रह गई उसका भी राज समझो देश मे 543-लोकसभा कि सीट है और जिस पार्टी के पास लोकसभा सीट का दसवाँ हिस्सा अर्थात 54-सीट प्राप्त होती है उसे विपक्ष कि भूमिका अदा करने का सौभाग्य प्राप्त होता है--अब सोंचो 54-सीट से यह काँग्रेस सरकार सिर्फ दो सीट से दूर थी इसके लिए समय निकालकर काँग्रेस के घटिया नीति का खुलासा-जिक्र नीचे किया जा रहा है जिसे देशहित-जनहित मे समझना उतना ही जरूरी है जितना एक अंधे को आँख कि जरूरत होती है----बहुजन हसरत पार्टी BHP द्वारा यह लम्बा से लम्बा और विराट से बड़ा लेख लिखा गया है जो काँग्रेस/BJP कि आपसी नूरा-कुश्ती का राज खोलता है और सच को आईना दिखा रहा है इसे चाहे जो संस्था या नये-नये छोटे-छोटे दल अपने नाम से भी कापी पेस्ट करके छाप सकते है बहुजन हसरत पार्टी BHP को कोई दिक्कत और परेशानी नही है*

*(1)--RSS-BJP कि जननी काँग्रेस पार्टी के षड्यंत्र को तर्क लगाकर देशहित-जनहित मे झूम-झूम कर समझो यदि गलत लगे तो माफ करो*

*(2)--काँग्रेस के राजकुमार राहुल गाँधी के गेम प्लान को अम्बेडकर-वादी नही बल्कि ''भीमवादी'' बनकर समझना होगा तभी केंद्र मे भीमवादी-हसरत मोहानी-वादी सरकार बन सकती है* 

*(3)--वरना अगर अम्बेडकर-वादी बनकर RSS-BJP कि जननी काँग्रेस पार्टी के गेम प्लान को समझने कि कोशिश करोगे---तो तो तो---सदियाँ गुजर जायेगी परन्तु RSS-BJP कि जननी काँग्रेस पार्टी का खेल नही समझ पाओगे*

*(4)--क्योंकि ये बुद्ध के शूद्र जो आज के Muslim Sc St Obc वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोग है ये आजीवन RSS-BJP कि जननी काँग्रेस पार्टी के गेम प्लान को नही समझ पायेंगे है*

*मुख्य नोट:--इसलिए इसका खुलासा और कारण इस मुख्य ''नोट'' के नीचे चन्द बिन्दु पर अम्बेडकर-वादी अंदाज मे ''नही नही-नही'' बल्कि ''भीमवादी'' अंदाज मे लिखा गया है जिसे तर्क लगाकर देशहित-जनहित मे मौलिक-अधिकार को बचाने के लिए तथा इस :--रामराज-मनुराज--: सरकार मे लोकतंत्र-संविधान कैसे जिन्दा रहे उसे कानूनन कैसे सुरक्षित रखा जा सके उसके लिए समझना होगा:---यदि/यदि/यदि राहुल गाँधी साहब सहित जिस काँग्रेस पार्टी के समर्थक या नेता को इस घटिया पार्टी बहुजन हसरत पार्टी BHP द्वारा देश का अव्वल-लाजवाब और हर सच्चाई को देश के कोने-कोने में पहुँचाने वाले ''बेताब समाचार एक्सप्रेस'' के माध्यम से जो कुछ सरेआम किया जा रहा है किसी को बुरा लगे तो देशहित-जनहित मे माफ करिये परन्तु यदि राहुल गाँधी साहब सहित काँग्रेस पार्टी के सभी समर्थक और नेतागण को यदि यह सच्चाई लगे तो बहुजन हसरत पार्टी BHP को जो चाहे इनाम देवे या सजा देवे वह इनाम/सजा इस घटिया नालायक पापी पार्टी बहुजन हसरत पार्टी BHP को देशहित-जनहित मे सब मंजूर है*

*(A)--काँग्रेस ने हिन्दू-मुस्लिम दोनो समुदायो मे नफरत कि बीज बोई है बाबरी-मस्जिद का ताला खुलवाकर कुर्सी हथियाने के लिए उसी बाबरी-मस्जिद का कत्लेआम अपनी पैदा कि हुई B टीम BJP के हाँथों से करवाया*

*(B)--जैसे ही 1943 में बंगाल प्रान्त में बाबासाहेब ने सर ख्वाजा नज़मुद्दीन जी के साथ मिलकर हिन्दू-महासभा (श्यामा प्रसाद मुखर्जी )+ फजलुल हक्क (मुस्लिम लीग) के गठबंधन कि सरकार को उखाड़कर/दफ़नकर दलित+मुस्लिम कि सरकार बना ली*

*(C)--इसलिए 1946 में संपूर्ण देश में वोटिंग कराने के बजाय काँग्रेस और जिन्ना कि मुस्लिम लीग को जहाँ कुत्ता भी नही पूँछता था ऐसे बंगाल में ही भारत विभाजन/बँटवारे के लिए वोटिंग करवाई*

*(D)--1943-मे बंगाल कि भाँति पूरे देश का माहौल दलित-मुस्लिम एकता कि गठबंधन कि तरफ करवट न बदले इसलिए सत्ता कि कुर्सी पंडित नेहरू के हाँथों से खिसकर विश्व ज्ञानी बाबा-साहेब के हाँथों मे न जाने पावे इसलिए पंडित नेहरू व उसकी काँग्रेस ने गद्दार जिन्ना से मिलकर 1947 मे देश के 2-टुकड़े कर दिये*

*(E)--देश के लगभग 90% लोग आज भी यही सोंचते है कि देश का बँटवारा हिन्दू-मुस्लिम नाम पर हुआ था*

*(F)--परन्तु-परन्तु-परन्तु सिर्फ 10% लोग ही जानते है कि काँग्रेस वाला ये पंडित नेहरू ने देश का बँटवारा इसलिए किया कि देश कि बागडोर डाक्टर भीम राव अम्बेडकर के पास न चली जावे*

*(G)--इसलिए पंडित नेहरू कि अंदरूनी घटिया सोंच यही थी कि यदि 1943-बंगाल वाली दलित-मुस्लिम एकता कि गठबंधन वाली बात पूरे देश मे फैल गयी और ये ''दलित-मुस्लिम'' देश लेबल पर गठबंधन करके एक हो गये तो यह भीम राव अम्बेडकर देश का पहला प्रधानमंत्री बन जायेगा और मेरा प्रधानमंत्री बनने का सपना चकनाचूर हो जायेगा प्रधानमंत्री बनने के लिये पंडित नेहरू ने जिन्ना हरामी से मिलकर देश को हिन्दू-मुस्लिम दो नाम मे बाँटकर बिखेर दिया पंडित पुजारी नेहरू कि सोंच यही थी कि--?*

*(H)--यदि इन बुद्ध के शूद्र जो आज के Muslim Sc St Obc, वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोग है यदि ये सभी एक जगह पर मुस्तैद रह गये अर्थात ये बुद्ध के शूद्र जमे/इकट्ठा रह गये तो हम पंडित पुजारी कि आने वाली नस्लों को अपने आँगन मे झाड़ू मारने के लिए तथा अपने-अपने बाथरूम/संडास साफ करने के लिए मजबूर कर देगे*

*(I)--इसीलिये पंडित नेहरू व मोहन.......दास करमचंद गाँधी गद्दार जिन्ना को मिलाकर मुसलमान भाई को 2-खंड मे बाँटकर हिन्दू-मुस्लिम नाम कि दिवाल खड़ी करके दलित-मुस्लिम-पिछड़े से सत्ता छीन लिये--* 

*(J)--तभी तो देश के बँटवारे मे सिर्फ बंगाल और पंजाब मे चुनाव हुआ था जिसमे बंगाल में 1946 में कुल 225 विधायकों में से 121 मुस्लिम-दलित विधायकों ने बंगाल विभाजन के विरोध वोटिंग कि तो उच्च जाति के 94 हिन्दू विधायकों ने बंगाल विभाजन के पक्ष मे वोट दिया था बावजूद इसके 14/8/1947 को काँग्रेस ने जिन्ना को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने कि लालच देकर भारत का बँटवारा कर डाला और भारत 90% भाईयो को नवाबी खत्म अर्थात नवाबी से दूर कर दिया नवाबी का मतलब आज का M.P/M.L.A/C.M व डिप्टी P.M होता है* 

*(K)--: कश्मीर के नाम पर बवाल करने वाली हिन्दू-महासभा जो कल कि जनसंघ थी आज कि BJP है उस समय काँग्रेस व कम्युनिस्ट आदि ने भारत देश के उस बँटवारे का पुरजोर समर्थन किया था बावजूद इसके आज वफादार मुस्लिम समाज को कटुवा/कटमुल्ला/घुसपैठिया/पाकिस्तानी आतंकवादी नाम से काँग्रेस कि वजह से जलील किया जाता है*

*(L)--: धर्म के चक्कर मे न पड़कर OBC भाईयो ने यदि बाबा-साहेब का साथ दे दिया होता तो गोलमेज परिषद 1932 से ही सभी धर्मों के SC ST समाज के साथ-साथ OBC भाइयों को राजनैतिक आदि अधिकार मिल जाते तथा जनगणना भी हो जाती*  

*(L-1)--SC ST भाईयों कि तरह सभी धर्मों के SC ST समाज को राजनैतिक-आरक्षण आदि सभी हक-अधिकार को सुरक्षित कर लिया गया होता था 1943-बंगाल के भाँति OBC+मुस्लिम+दलित गठबंधन सरकारे देश-प्रदेशो में न बने इसलिए जब तक पाकिस्तान नही बना था तब तक पंडित नेहरू ने 13/12/1946 को संविधान सभा में MUSLIM SC ST OBC को उचित आरक्षण दूँगा ऐसा प्रस्ताव पास किया था*

*(M)--आजाद भारत मे OBC भाईयो को संविधान के तहत आरक्षण न मिले OBC समाज व उनकी नस्लो को धर्म के नाम पर गुलाम बनाने के लिए बाबासाहेब के लाख मना करने के बावजूद पंडित नेहरू ने भारत जीतने के स्थिति में होने के बावजूद कश्मीर मुद्दा UNO लेकर गये ताकि कश्मीर के नाम पर भारत-X-पाकिस्तान व हिंदू X मुस्लिम नफरत फैलाई जा सके जिसके लिए अपने देश का नाम सांविधान में भारत अर्थात इंडिया होने के बावजूद काँग्रेस-इंदिरा गाँधी-राजीव गाँधी अब राहुल गाँधी भारत देश को षड्यंत्र के INDIA न बोलकर हिंदुस्तान-हिंदुस्तान बोलते रहते है*

*(N)--जिसके चलते जैसे ही काँग्रेस ने जिन्ना के माध्यम से पाकिस्तान बनवाया तो पंडित नेहरू ने 1981 चली आ रही जातिगत जनगणना पर रोक लगाकर धर्म आधारित जनगणना कराने का 1948 राष्ट्रीय जनगणना यह काला कानून बनाया और 1931 से लेकर 2021 तक काँग्रेस-BJP कि पंडित-पुजारी सरकार ने आज तक जनगणना नही करवाई इस बार 2021 मे यकीनन OBC जनगणना हो गई होती परन्तु कोरोना महाराज ने OBC जनगणना को रसातल भेज दिया तर्क करो क्या 3743-OBC जनगणना को रोकने के लिए कोरोना ने अवतार लिया था*

*(O)--यदि धर्म के चक्कर मे न पड़कर OBC समाज SC ST भाईयों के तरह बाबा-साहेब का साथ दे दिये होते तो 1932 से ही OBC भाईयो को राजनैतिक-आरक्षण-हक-अधिकार सब मिल गया होता और OBC जनगणना भी अब तक हो जाती*

*(O-1)--दलित-पिछड़े राजनैतिक तौर पर एक हो गए तो तो तो ये गोविंद वल्लभ पंत जैसे लोग तुम्हारे जूतों का नाड़ा/लेस बाँधने में खुद गर्व महसूस करेंगे ऐसा 1948 लखनऊ कि दलित-पिछड़ो कि सभा मे बाबा-साहेब ने घोषणा करते कहा था इस OBC समाज को बाबासाहेब के साथ जाने से रोकने के लिए काँग्रेस के पंडित नेहरू ने षड्यंत्र के दिसंबर 1949 में बाबरी मस्जिद में रात के अंधेरे में राम लल्ला कि मूर्ती रखवाई और फैजाबाद-अयोध्या के उप -चुनाव में काँग्रेस ने ही मंदिर वही बनायेंगे नारे से चुनाव लड़कर हिंदूX मुस्लिम नफरत के बीज बोकर बाबरी मस्जिद के खून कि पटकथा लिख डाली*


Q)--बाबासाहेब जी द्वारा जागृत हुए MUSLIM SC ST OBC भइयों के 1967 में 9 राज्यो में गैर-काँग्रेसी, गैर-ब्राम्हणों ने सरकारे बनाने पर इंदिरा गाँधी जी ने एक साल पहले चुनाव करवाया तथा बांग्लादेश देश मुक्ति आंदोलन को सहयोग करके अपने पिता के नक्शे-कदम पर चलते हुए  पुनःह मुस्लिम समाज को 3 हिस्सो में बाँटा*

*(R)--आगे चलकर पंडित नेहरू कि भाँति काँग्रेस कि हिरोइन-नायिका इन्दिरा गाँधी जी ने 1971 मे पाकिस्तान के टुकड़े करके बंग्लादेश बना दिया जिसके वजह से भारत देश और पाकिस्तान और बांग्लादेश के वफादार भीमवादी मुसलमान भाई आग-बबूला हो गये थे*

(S)--इसलिए भारत देश के वफादार भीमवादी मुसलमान भाईयों को काँग्रेस कि हिरोइन-नायिका इन्दिरा गाँधी ने लोलीपॉप देने के लिए 1973 मे मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का उदय/गठन कर दिया जैसे भागलपुर दंगा/बटला हाऊस काण्ड/मुजफ्फरपुर दंगा आदि पर पर्दा डालने के लिए 2005-07 सच्चर समिती-रंगनाथ आयोग का गठन करके फिर लोलीपॉप दे दिया मगर सच्चर समिती-रंगनाथ आयोग कि सुविधा भी OBC जनगणना कि भाँति परवान चढ़ गई है*

(T)--चुनाव में गड़बड़ी करके जितने वाली इंदिरा गाँधी जी का निर्वाचन जब कोर्ट ने रद्द किया था तो सिर्फ अपनी प्रधानमंत्री कि सीट व सत्ता बचाने के लिए संविधान कि धज्जियाँ उड़ाते हुए इंदिरा गाँधी जी ने 1975 आपात-काल लगा दिया और आपात-काल की आड़ में लोगो द्वारा चुनी हुई सरकारे बर्खास्त कर डाली तथा विपक्ष के नेताओ को जेलों में ठूँस दिया/डाल दिया......इसी कहानी को काँग्रेस कि B-टीम/B-टीम/B-टीम---BJP अब नूरा कुश्ती के तहत दोहरा रही है....काँग्रेस को लगता है बुद्ध के शूद्र जो आज के Muslim Sc St Obc वंचित हजारो कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोग  पागल है और इन्हें हमारा यह आपसी मिली-भगत का खेल समझ मे नही आयेगा*

*(U)--जागृत हुए OBC समाज को आरक्षण न मिले इसलिए इंदिरा गाँधी जी ने 25 साल तक लोकसभा-विधान सभा के प्रतिनिधि यानि M.P/M.L.A कि संख्या न बढ़ाने वाला कानून लाया जिसे 2001 में BJP के अटल बिहारी गाँधी उर्फ वाजपेयी जी 2026 तक और आगे जारी रखा----*

(V)--संविधान कि धज्जियाँ  उड़ाकर आपात-काल लगाने वाली इंदिरा गाँधी जी को उनकी औकात दिखाते हुए बुद्ध के शूद्रो ने उनकी सत्ता को उखाड़ फेंका और जागृत हुए OBC समाज के दबाव कि वजह जनता पार्टी सरकार को मंडल आयोग का गठन करना पड़ा*

*(W)--MUSLIM SC ST OBC समाज को बहुजन नाम से लामबंद करके बहुजन समाज को हुक्मरान समाज बनाने के लिए जब मान्यवर काँशीराम साहब ने देश भर में मंडल आयोग लागू करो वरना कुर्सी खाली करो आंदोलन चलाया* 

*(X)--इससे डरी इंदिरा गाँधी ने OBC के मंडल आयोग लागू न करना पड़े इसलिए 1947 हिंदू X मुस्लिम--हिंदू X सिख नफरत को हवा देते हुए विश्व हिंदू परिषद कि "हिंदू एकता यात्रा" को हरी झंडी दी, सिखों के पवित्र स्वर्ण मंदिर को मिल्ट्री द्वारा लहू-लुहान कराया गया तथा आपरेशन ब्लू स्टार करवाया तथा बहुजनो के वोट कि चोरी करने के लिए दुनियाँ द्वारा ठुकराई हुई EVM को अपनाया गया तथा बहुजनो पर लगाम लगाने के लिए "रासुका" कानून लाया तथा बाबरी मस्जिद को ताला लगवाया*

*(Y)--मंडल आयोग लागू न करना पड़े इसलिए राजीव गाँधी जी ने हिंदुस्तान बनाम खलिस्तान के नाम से चुनाव लड़ा तथा 1986 में मेरठ-UP व 1989 बक्सर-बिहार में मुस्लिम समाज का गोधरा हत्याकांड से भी भयानक नरसंहार हुआ या करवाया गया तथा बाबरी-मस्जिद का ताला खुलवाया, बाबरी-मस्जिद परिसर में राम मंदिर का शिलान्यास भी करवाया और मंडल आयोग के खिलाफ संसद बहस किया* 

*(Z)--मंडल आयोग केस में क्रिमीलेयर के जहर से OBC भाईयो का ध्यान हटाने के लिए हिंदूxमुस्लिम नफरत को हवा देते हुए RSS वाले P. V. नरसिम्हा राव कि केन्द्र काँग्रेस सरकार ने अपनी B टीम BJP को बाबरी-मस्जिद का खून अर्थात कत्लेआम करने के लिए मानो खुली छूट दी थी*


(Z-1)--श्रीराम के नारे से बाबरी-मस्जिद खून करने वाली BJP को जय भीम के नारे से धूल चटाते हुए जब 1993 में गठबंधन के तहत मान्यवर काँशीराम साहब ने मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री बनाया तो MUSLIM SC ST OBC के इस गठबंधन को रोकने के लिए 1993-1994 को काँग्रेस सरकार ने EVM से चुनाव कराने का कानून बनाया तथा इस EVM को बचाने के लिए कॉलजिएम से जज चुनने का सिस्टम भी चालू करवाया*

*(Z-2)--2007 में UP में पूर्ण बहुमत कि सरकार बनाने वाली भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी का नाम जैसे हों परमाणु डील मुद्दे पर देश के सामने चमक गया तो तो तो अल्पमत में आ चुकी काँग्रेस सरकार को BJP ने वोट के बदले नोट कांड करवाकर भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी को प्रधानमंत्री बनने से रोका--परन्तु कब तक रोकेंगे काँग्रेस-BJP आखिर कब तक इस भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी को देश का रहनुमा-मसीहा-रहबर//--//अर्थात प्रधानमंत्री बनने से रोकेंगे*

*(Z-3)--भविष्य में भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी /BSP को सरकार बनाने से रोकने के लिए काँग्रेस ने 2009 से सम्पूर्ण देश मे EVM से चुनाव करवाना चालू करवाकर EVM में गड़बड़ी करके चुनाव जीता इस EVM शुरू में इस EVM में गड़बड़ी का BJP ने विरोध किया तब गजब काँग्रेस-BJP ने अन्दरूनी साँठगाँठ-षड्यंत्र करके  आपसे मे 10-10 साल EVM से सत्ता एक-दूसरे को सौपने कि डील कर डाली जो आज देश के लोगो अपनी आँखो से इस डील का नजारा देख रहे है इसलिए काँग्रेस-BJP मिलकर EVM को बचा लिया है आज कोल्जिएम-सिस्टम वाली अदालत और इस काँग्रेसी EVM देवता यंत्र के बल पर काँग्रेस-BJP आपसी नूरा-कुश्ती का खेल खेलकर रामराज-मनुराज सरकार बनाने मे सफल है तथा अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मे नालायक नौटंकीबाज टपोरी सड़क छाप नेतागण को चन्द सीट कि लालच देकर बुद्ध के शूद्रो के हक-अधिकार पर बुलडोजर चला रही है इसलिए अम्बेडकर-वादी नही बल्कि भीमवादी बनो जिससे केन्द्र मे भीमवादी-हसरत मोहानी-वादी सरकार BSP के रूप मे इस बार 2024 मे बन सके* 

*(Z-4)--इसलिए EVM के साथ VVPAT मशीन लगाने का आदेश 8/10/2013 में सुप्रीम कोर्ट ने दिया था इसके बावजूद 2014 के चुनाव में इस आदेश कि धज्जियाँ उड़ाकर बिना VVPAT लगाए हुए दिखावे के लिए EVM का विरोध करने वाली काँग्रेस कि B टीम BJP को काँग्रेस  ने अपनी B टीम BJP कि पूर्ण बहुमत कि सरकार बनवाई क्योंकि काँग्रेस ही BJP व RSS कि जननी है*

*✅-नोट:--अक्सर भारतीय फिल्मों में ये दिखाया जाता है कि कोई खतरनाक घटना हो जाने के कारण हीरो/हिरोइन कि याद्दाश्त चली जाती है तो फिर एक्सपर्ट डाक्टर कहते है जिस तरह याद्दाश्त गई उस तरह बिना घटना के याद्दाश्त फिर हीरो कि वापस नही आती है कुछ इसी भाँति होता है क्या उसी तरह केन्द्र मे काँग्रेस/BJP कि याद्दाश्त 10/10 आती-जाती है जैसे राहुल गाँधी के नाटकीय खेल से सदस्यता रद्द होने के कारण 2024 मे काँग्रेस कि सरकार आयेगी--अलबत्ता राहुल गाँधी सत्ता और चुनाव--से से से--अब 6-साल दूर रहेंगे जैसे काँग्रेस के अध्यक्ष पद से दूर थे--यदि न्याय-पालिका कुछ जलवा दिखा दी वो अलग बात हो सकती है परन्तु क्या RSS-BJP कि जननी काँग्रेस पार्टी का यह राजकुमार राहुल गाँधी अपनी माँ सोनियाँ गाँधी को इस बार 2024 मे P.M बनाकर ही दम लेंगे---क्या ऐसा हो सकता है इसका अंदाजा और खुलासा और इसका जवाब इस काँग्रेसी EVM देवता यंत्र मशीन के गर्भ मे है दूसरी तरफ.....उसी तरह केंद्र में तथा 8-राज्यो में बहुजन समाज पार्टी BSP को सत्ता में आने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश 8/10/13 कि धज्जियाँ उड़ाकर काँग्रेस ने अपनी पैदा कि हुई B-टीम BJP को जो देश और प्रदेश सभी जगह से इकदम खत्म हो चुकी थी इस काँग्रेस ने अपनी B टीम BJP को 2014 के चुनाव मे बिना V-VPAT लगाये BJP कि सरकार ऐसे बनाई और देश लेबल पर फैल रही BSP को ऐसे रास्ते से हटा दिया जैसे लोग दूध मे पड़ी मक्खी को निकाल कर हटा दिया करते है और इस काँग्रेस-BJP को चुनाव आयोग और कोल्जिएम-सिस्टम से आये जजों ने इस काँग्रेसी EVM देवता यंत्र को बचाते हुए दोनो पार्टी को बारी-बारी 10-10 साल सत्ता में बने रहने का मानो आशीर्वाद दे रखा हो ऐसा सत्ता कि लेन-देन का काला काम चालू किया गया है जैसे----*

*(Z-5)--जर्मनी के सुप्रीम कोर्ट ने EVM से बनी सरकार को असंवैधानिक घोषित कर दिया था परन्तु हरि-प्रसाद जी ने EVM हैक करके दिखाने के कारण EVM में गड़बड़ी संभव है यह 08/10/2013 को मान्य करने के बावजूद तथा बिना VVPAT के चुनाव करवाने के बावजूद कोल्जिएम से आये हुए जजगण ने भी सु-मोटो एक्शन लेकर इसे असंवैधानिक रूप से बर्खास्त क्यों नही किया देश सवाल पूंछ रहा है इस VVPAT वाले आदेश 8/10/2013 को किसी विपक्ष के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट मे चैलेंज क्यों नही किया न्याय संगत इसका जवाब देशहित-जनहित मे सीना ठोंककर चाहती है*


*(Z-6)--भारत में आधिकारिक विपक्षी दल बनने के लिए, एक पार्टी को लोकसभा में 10% सीटें (54 सीटें) हासिल करनी होती है*

(Z-7)--संविधान के ढाँचे को लोकतंत्र को खोकला बनाने के लिए तथा MUSLIM SC ST OBC किसान मजदूर शिक्षा व बैंक देश के उद्योग आदि बर्बाद करने के लिए BJP को खुली छूट भी मिले और कांग्रेस को आधिकारिक विपक्ष कि भूमिका अदा न करना पड़े इसलिए काँग्रेस ने 2014 में 44 सीट व 2019 में 52 सीट यानी विपक्ष कि औकात से कम सीटे ही ली* 

Z-8)--तथा BJP को रोकने के लिए राजस्थान में 2013 और 2018 के शासन काल मे BSP ने दोनों बार बिना शर्त काँग्रेस को समर्थन बावजूद कांग्रेस ने दोनों बार BSP के सभी विधायक तोड़कर काँग्रेस में शामिल कराए क्योंकि काँग्रेस BJP नही तो भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी/BSP को खत्म करना चाहती है...क्योंकि काँग्रेस ही BJP कि जननी है .....*


*(Z-9)--इसलिए तो 2014 व 2019 में विपक्ष से कम सीट लेना तथा नवंबर 2018 में मध्य प्रदेश-राजस्थान-छत्तीसगढ़ इन तीनो राज्यो में बहुमत कि सरकार बनाने वाली काँग्रेस को 4 महीने बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश में 29 में 1 सीट, राजस्थान में 25 में से 0 सीट तथा छत्तीसगढ़ में 11 में से 2 सीट मिलने के बावजूद काँग्रेस EVM के खिलाफ आंदोलन नही करती है.....*


*(Z-10)--EVM को भी बचना है और 10 साल के बाद सत्ता में भी आना है तथा सत्ता कि याद्दाश्त वापस लाना है इसलिए राहुल गाँधी-काँग्रेस EVM बंद करो यात्रा न करके भारत जोड़ो यात्रा का ढोंग करते फिर रहे थे परन्तु "बुद्ध के शूद्र" जागरूक होने के कारण भारत जोड़ो यात्रा का दांव-पेंच फेल हो गया है*


*(Z-11)--बुद्ध के शूद्रों के चलते भारत जोड़ो यात्रा फेल होने से सत्ता पाने कि लालच मे  बौखलाई काँग्रेस सहानभूति पाने तथा काँग्रेस ही BJP को हरा सकती है यह दिखाने के लिए पुनःह BJP से मिली-भगत करके राहुल गाँधी ने लोकसभा कि सदस्यता खत्म करवाने का जबरजस्त ड्रामा/नाटक खेला परन्तु अफसोस राहुल गाँधी का ये दांव भी बुद्ध के शूद्रों के कारण फेल/असफल हो गया है---*


*(Z-12)--बुद्ध के शूद्रों को मालूम है तथा भीमवादी बहन जी ने भी ट्वीट करके दुनियाँ को पुनःह बताया कि किस तरह काँग्रेस ने 1975 में सांविधान कि धज्जियाँ उड़ाकर आपात-काल लगाकर चुनी हुई सरकारे बर्खास्त कर दी,विपक्ष के नेताओ को जेल में ठूँसा, लोगो के मर्जी के बगैर जबरदस्ती लोगो कि नसबंदी करायी जैसे मोदी सरकार ने जबरदस्ती नोटबंदी कि थी अब BJP उसी 1975 कि राह पर काँग्रेस के इशारे पर चल पड़ी है जैसे 3 तलाक कानून, 3 किसान विरोधी कानून, NCR CAA, 370 व 35 A आर्टीकल, तथा गरीब सवर्ण भाईयो के लिए 10% आरक्षण आदि..*


*(Z-13)--परन्तु अब बुद्ध के शूद्र जो आज के Muslim Sc St Obc वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोग है ये भली-भाँति इस काँग्रेस-BJP के आपसी नूरा-कुश्ती/सांठ-गांठ का खेल समझ चुके है* 


*(Z-14)--RSS-BJP कि जननी काँग्रेस पार्टी ने बुद्ध के शूद्रो को गुलाम बनाने के लिए EVM-कोलजियम का आविष्कार किया है जो अब यह EVM-कोलजियम काँग्रेस/BJP के लिए अलाउद्दीन का चिराग साबित हो रही है जो इस रामराज-मनुराज सरकार मे बंद होना असम्भव लग रहा है--*


*(Z-15)--क्योंकि इस काँग्रेसी EVM देवता यंत्र मशीन को अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मे नालायक नौटंकीबाज टपोरी सड़क छाप नेतागण कि हरामीन्ती-मटरगश्ती कि वजह से जीवनदान मिल रहा है*


*(Z-16)--यदि ये अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मे नेतागण काँग्रेस/BJP से चन्द सीट कि लालच में पड़कर गठबंधन न करे तो काँग्रेसी EVM देवता यंत्र व कोलजियम सिस्टम वाली अदालत को आतंक फैलाने का मौका नही मिल सकता है*


*(Z-17)--बुद्ध के शूद्र ये भी समझ चुके है कि लोकतंत्र-संविधान को बर्बाद करने वाली तथा लोगो के मौलिक अधिकार यानि वोट चोरी करने वाली यह काँग्रेसी EVM देवता यंत्र मशीन है अफसोस इस काँग्रेसी Evm देवता मशीन यंत्र को चुनाव आयोग और कोल्जिएम-सिस्टम वाली अदालत के जजगण 56-इंच का सीना ठोंककर बचा रहे है इस कोलजियम-सिस्टम का उपाय सिर्फ अब ''अधिवक्ता-आयोग'' का गठन है तथा काँग्रेसी EVM देवता यंत्र का इलाज ''बैलेट-पेपर'' है इसे लागू करने के लिए भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती को या भीमवादी क्षत्रिय माननीय राजनाथ सिंह साहब को देश का प्रधानमंत्री बनाना जरूरी है* 


*(Z-18)--इसलिए बुद्ध के शूद्र यानि आज के MUSLIM SC ST OBC व अन्य अल्पसंख्यक लोग देश मे इस काँग्रेस-BJP को देशहित-जनहित उखाड़ फेंकने के लिए ये नारा देते फिर रहे है कि....* 


*--बुद्ध के शूद्र जो आज के Muslim Sc St Obc वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोग है इन्होंने ये ठाना है..........इस भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी को 2024 मे प्रधानमंत्री बनाना है..?*


*दलित-मुस्लिम साथ चलेगा OBC अब राज करेगा....*


*लिखने में कोई गलती हुई हो तो कृपया देशहित-जनहित में क्षमा कीजिए परन्तु यह लेख तर्क के आधार पर लिखा गया है यदि सही लगे तो देश के कोने-कोने मे पहुँचाने के लिए बहुजन हसरत पार्टी BHP कि मदद करिये यदि गलत लगे तो बहुजन हसरत पार्टी BHP कि मान्यता रद्द करने या करवाने के लिए हर कोई स्वतंत्र है*


             *--लेखक--*


*मुहम्मद मैराज शेख*


*शूद्रवंशी भीमवादी भूमिपुत्र मुस्लिम*


*संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष*


*बहुजन हसरत पार्टी-BHP*


*जय भीम जय हसरत मोहानी*


*30/03/2023 -- 9819316944*



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