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✍️केरल से देश कि तबाही और बर्बादी क्यों शुरू होती है और केरल को बदनाम क्यों किया जाता है*

 *✍️केरल से देश कि तबाही और बर्बादी क्यों शुरू होती है और केरल को बदनाम क्यों किया जाता है*




*🔥केरल के केशवानंद भारती ने इंदिरा गांधी को धूल चटाकर बाबासाहेब जी के संविधान को बचाया और ये सिद्ध कर दिया कि संविधान से बड़ा संसद और सरकार कोई नहीं है..ये मान के चलो देश के बर्बादी कि लकीर केरला से क्यों खींची जाती है*  


*✍️जैसे काँग्रेस का हरामी EVM देवता 1982 में हरामी करोना 2020 में,हरामी करोना का दूसरा रूप स्ट्रेंन 2021 में तथा बर्ड फ्लू 2021 में....*


*🔥काका कालेलकर आयोग और मंडल आयोग इन दोनों जिन्न से घबराकर काँग्रेस कि हिरोइन/नायिका इंदिरा गांधी ने विदेशी EVM देवता को भारत में लाया*


*🌹नोटः जब सिस्टम कभी-कभी खराब हो जाते है तो देशहित-जनहित मे विद्रोह करना पड़ता ऐसा करना उचित भी होता है....आखिर राहुल गाँधी ने अपनी दादी काँग्रेस कि हिरोईन नायिका इंदिरा गांधी जी द्वारा जन्म दिये हुए हरामी EVM देवता को बचाने के लिये 2019 का लोकसभा चुनाव केरला के वायनाड से क्यों लड़ा था....आखिर भारत के संविधान और देश के MUSLIM SC ST OBC शूद्र भाई का "डेथ-वारंट" केरल से ही क्यों निकलता है...इस हरामी करोना ने CAA NRC NPR के खिलाफ शाहीन-बाग के आंदोलन को न रोका होता तो ये काँग्रेस के हरामी EVM देवता कि सरकार ख़त्म हो गयी होती ....अफसोस आज अन्नदाता किसान भाईयो को आंदोलन नहीं करना पड़ता...इसके "तह-तक" जाना हो तो सभी कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोगो को आगे बढ़कर बहुजन हसरत पार्टी BHP द्वारा लिखा गया यह लेख भीमवादी बनकर पढ़ना होगा*

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*✍️1--जैसे ही 1967 में 9 राज्यो में गैर-काँग्रेस और गैर-ब्राम्हणों कि सरकारें बनी तो काँग्रेस कि हिरोईन/नायिका इंदिरा गांधी जी ने काका कालेलकर आयोग कि सुविधा के डर से आम चुनाव 1-साल पहले ही करवाया दिया और तो और 1971 में पाकिस्तान से बांग्लादेश अलग बनवाकर इन सभी 9 राज्यों कि सरकारे बर्खास्त करी...???*


*🔥2--दूसरी तरफ 1972 में बाबासाहेब अम्बेडकर जी का ऐकला आदर्शवादी चेला मान्यवर काँशीराम साहब ने बामसेफ के माध्यम से  "'मुस्लिम-दलित-पिछड़े" और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक को सामाजिक और राजनैतिक तौर पर जगाकर उनमे तरक्की का चेतना पैदा कर एक नया प्लेटफार्म बनाया जिसे बहुजन समाज कहते है ..जिससे  2.50% वाले अल्पसंख्यक पंडित पुजारी को अपनी हुकूमत ख़त्म होने का अंदाजा हो गया था.."काका व मंडल" के जिन्न से कांग्रेस भयभीत हो गई थी अभी "काका-मंडल" के जिन्न से पीछा छूटा ही नहीं था कि काँग्रेस के सामने तीसरा जिन्न "कांशीराम" के रूप में पैदा हुआ जो काँग्रेस कि नजर में मान्यवर कांशीराम साहब का जिन्न इन काका-मंडल जिन्न से कई गुना जादा खतरनाक था काँग्रेस ने मान लिया कि "भीम का नया अवतार" "कांशीराम" पैदा हो गया और ये गरीबो का मसीहा मान्यवर काँशीराम साहब पर्दे के पीछे काका कालेलकर और पर्दे आगे मंडल आयोग के रिपोर्ट के बल पर इन तिलकधारी के षड्यंत्र को उजागर करके "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोगो को जगा दिया जो कल के ज्ञानी बहुजन जो आज के "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोग है इन्ही को कामगार/मजदुर, श्रमिक भी कहते है जो 96,%OBC कहलाते है* 


*✍️3...केरल के कम्यूनिस्ट सरकार ने 29 वां संशोधन (1972) के अंतर्गत केरल भू-सुधार (संशोधन) अधिनियम, 1969 तथा केरल भू-सुधार (संशोधन) अधिनियम, 1971 को संविधान की नौवीं अनुसूची में रख दिया गया जिससे इसकी संवैधानिक वैधता को न्यायालय में चुनौती न दी जा सके*


*🔥4--देश में गैर-संविधानिक संशोधन लाने वाली बेलगाम तानाशाह इंदिरा गांधी जी को "केरला के केशवानंद भारती" ने "संविधान बदलने से रोक दिया" यानि केशवानन्द भारती बनाम केरल राज्य सरकार इस सुप्रीम कोर्ट के 24 अप्रैल,1973 के 7 बनाम 6 जजो ने 68 दिनों के बहस के बाद दिये ऐतिहासिक फैसले ने भारत के संविधान और लोकतंत्र को काँग्रेस के हाथों ख़त्म होने से बचा लिया तथा यह स्थापित भी किया कि संविधान संसद और सरकार से सर्वोच्च है तथा संविधान के "मूलभत संरचना" को संसद और -सरकार नहीं बदल सकती-- परंतु कहीं अगर इंदिरा गाँधी ये मुक़दमा जीत जाती तो शायद इस देश पर हमेशा के लिए कांग्रेस का राज हो जाता और न ही कभी चुनाव होते...* 


*✍️5--मूलभूत संरचना के महत्व को एस.आर. बोम्मई (1994) मामले से समझा जा सकता है...बाबरी विध्वंस के बाद राष्ट्रपति द्वारा भाजपा सरकारों की बर्खास्तगी को बरकरार रखा गया..सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इन सरकारों की बर्खास्तगी धर्मनिरपेक्षता के लिए आवश्यक है*


*✍️5--5A...इसिलिये 2014 और 2019 के चुनाव में काँग्रेस खुद 543 में से 54 (10%) कि जगह 52 सीट पर सिमटकर विपक्ष कि भूमिका से किनारा कर गई ताकि ये काँग्रेस का राजकुमार राहुल गांधी अपनी दादी का केरल से संविधान ख़त्म करने जैसा तमाम छोड़ा गया अधूरा काम मोदी से पूरा करवा सके इसलिये दो जगह से U.P व केरल से ही चुनाव भी लड़ा और अध्यक्ष पद छोड़कर भाग खड़ा हुआ अफ़सोस अगर EVM देवता कि जगह बैलेट पेपर युग होता तो 2014 और 2019 में भीमवादी दलित शेरनी ""बहन मायावती जी"" P.M होती*


*🔥6--केशवानन्द भारती के फैसले से बौ-खलाई तानाशाह इंदिरा गाँधी ने जो 13 में से 6-जज फैसले के खिलाफ थे उनमें से एक जस्टिस "ए.एन. रे." को सीनियॉरिटी में 3 जजो के नीचे होने के बावजूद 26/04/1973 को CJI/ चीफ जस्टिस बनाकर न्याय पालिका पर कब्ज़ा जमाया जैसे आज BJP ने काँग्रेस के EVM देवता के बल पर न्यापालिका पर कब्ज़ा जमाया है*


*✍️7--जागृत हो रहे बहुजन समाज के डर और 12 जून 1975 को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने "राज-नारायण" बनाम "इंदिरा गाँधी" केस में ...चुनाव मे धाँधली और गड़बड़ी के आधार पर कोर्ट ने इंदिरा गाँधी कि जीती हुई चुनावी बाजी को रद्द करने का फैसला-आदेश दिया इस फैसले को इंदिरा गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दि यहाँ भी हार होने के डर से और P.M पद पर बने रहने के लिये सुप्रीम कोर्ट में केस पेंडिंग होने के बावजूद 25 जून 1975 को इंदिरा गाँधी ने जबरजस्ती इमरजेंसी लगा दी*


*🔥8--इमरजेंसी/आपातकाल कि आड़ में इंदिरा गाँधी ने बाबासाहेब के संविधान में बड़े पैमाने पर संशोधन करके आधे से ज्यादा संविधान बदल दिया है... और काका कालेलकर कि सुविधा OBC भाई को न मिले इसलिये 25 साल तक जन-प्रतिनिधी/सांसद/विधायक कि संख्या न बढ़ाने का काला कानून भी बनाया जिसे काँग्रेस कि B टीम  BJP ने भी अटल बिहारी गांधी उर्फ़ वाजपेयी कि सरकार ने 2026 तक और आगे बढ़ाया आदि...संविधान समीक्षा में मान्यवर कांशीराम साहब जी और तात्कालीन राष्ट्रपति के.आर. नारायण साहब ने वाजपेयी कि एक भी न चलने दि और BSP/भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी ने 1 वोट से वाजपेयी कि सरकार को गिरा दि इसी संविधान समीक्षा कि वजह से BSP ने 1 वोट से वाजपेयी कि सरकार को धूल चटा दि ...*


*✍️9--केशवानन्द भारती के फैसले को असंवैधानिक तरीके से जबरजस्ती पलटने के लिये  CJI "ए.एन.रे" ने सरकार की तरफ से रिव्यू पिटिशन दायर किए बिना पुनर्विचार के लिए 13 जजों कि एक बेंच बना दी जब बेंच के बाकी जजेस ने इस पिटीशन पे सवाल उठाये तो साथी जजों के दबाव के कारण 12 /11/1975 को CJI को बेंच को बर्खास्त करना पडा तथा सरकार को संविधान के बुनियादी ढाँचे (BASIC STRUCTURE) में भी मनमानी बदलाव करने से रोक लगा दि....नहीं तो इन्दिरा गाँधी कि अगुवाई वाली इस सरकार ने तमाम मौलिक अधिकार को ख़त्म कर दिया होता  जिससे MUSLIM SC ST OBC तथा अन्य अल्पसंख्यक भाई भी आज गुलाम होते आज मोदी सरकार इंदिरा जी -अटल जी का छोड़ा काम मोदी जी कर रहे है काँग्रेस कि इस मंशा-वाला षड्यंत्र को BSP के अलावा को समझ नहीं सकता*


*🔥10---काका कालेलकर का जिन्न पिछे पड़ा ही था परंतु  विश्व ज्ञानी बाबासाहेब के ऐकला आदर्शवादी चेला मान्यवर काँशीराम साहब जी के 1972 से चले आंदोलन के दबाव के चलते 1977 में जनता पार्टी को अपने मैनिफेस्टो में "'काका-कालेलकर आयोग"' लागू करने कि बात को रखना पड़ा और 1978 में मण्डल आयोग नाम का दुसरा जिन्न को पैदा करना पड़ा...मगर बहुजन हसरत पार्टी कि एक बात देशहित-जनहित मे याद रखो यदि बाबासाहेब जी के डर से बना काका-कालेलकर आयोग लागू हो गया होता तो शूद्रराज उसी समय अपना बिगुल बजा चुका होता*


*🙏🌹नोटः...काका और मंडल इन दोनों जिन्न से डर कर ही इंदिरा गांधी ने काँग्रेस के हरामी EVM देवता को जन्म देकर केरल से ही बदला लेने के लिये EVM खेल शुरू किया...क्योंकि केरल से ही केशवानन्द भारती ने इंदिरा गांधी को हराकर भारत के संविधान और MUSLIM SC ST OBC शूद्र भाई और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोगो को इन  2.50% वाले अल्पसंख्यक पंडित पुजारी का गुलाम होने से बचाया था... इसलिए भारत के संविधान लोकतंत्र MUSLIM SC ST OBC शूद्र भाई के तबाही का काम ये पंडित पुजारी केरल से ही शुरू करते है.....जैसे ही दिसंबर 2019 को चीन में हरामी करोना आया तो 2020 में भारत में ये करोना का पहला मरीज केरला में ही पाया गया और अब ब्रिटेन से करोना का दूसरा रूप स्ट्रेन आया वो भी करेला में ही पाया गया और तो और अब बर्ड फ्ल्यू भी जो आया है वो भी केरला में ही पाया गया है क्या ये कोई संजोग है या पैमाना है या केरल बदला लेना है या कुछ और भीमवादी बनकर तर्क करो..... 2010 में महान इंजिनियर हरी प्रसाद के हाथों ये EVM देवता ख़त्म होने से बच गया था ठीक वैसे ही काँग्रेस के नाजायज हरामी EVM देवता कि ये सरकार शाहीन बाग के NRC CAA NPR आंदोलन में गिर गई होती परंतु इस हरामी करोना ने सरकार और EVM देवता को बचा लिया मानो ये करोन जैसे EVM देवता को बचाने और 2021 की OBC जनगणना रोकने आया है..भीमवादी बनकर तर्क करो*


*✍️11---इस हरामी EVM देवता कि शुरुआत 1982 में केरल से बदला लेने के लिये परूर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से किया था क्योंकि सबसे शिक्षित राज्य केरल अगर EVM व्यवस्था मानेगा तो अन्य राज्य EVM पर शक नहीं करेंगे ऐसी भी चाल चली गई थी...जब कि पूरी दुनियाँ ने ऐसे नाजायज EVM बच्चे को ठुकरा दिया था तो पता इन्दिरा गाँधी ने भारत क्यों लायी थी*


*🔥12---1982 में EVM से हुये इस चुनाव में कम्युनिस्ट पार्टी ने जीत हासिल करी और EVM लाने वाली यह काँग्रेस चुनाव हारी तब काँग्रेस ने केस फाइल कि तो सुप्रीम कोर्ट ने मानवता लोकतंत्र संविधान बचाने के लिये अपने आदेश से रोक लिया और दुबारा बैलेट पेपर से चुनाव करवाया तो काँग्रेस 2000 वोट से जीत गई...सुप्रीम कोर्ट के 1984 में आए आदेश के बाद चुनाव आयोग ने ईवीएम-EVM के उपयोग को रोक दिया था.. केरल सबसे ज्यादा शिक्षित राज्य होने के कारण केरल से ही केशवानंद भारती ने इंदिरा गांधी को हराया और केरल ने ही 1984 मे EVM देवता को भी ख़त्म किया*


*✍️13---काँग्रेस के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने संसद में 4 घंटे पानी पी-पी कर मंडल आयोग का विरोध किया परंतु हार होती नजर आते ही अपनी माँ इंदिरा जी द्वारा जन्म दिए EVM देवता को जन-प्रतिनिधि अधिनियम 1951 में नई धारा 61-A जोड़कर चुनाव आयोग को EVM मशीन के इस्तेमाल का अधिकार देकर दिसंबर 1988 में EVM देवता को जीवनदान दे दिया..जो "15 मार्च 1989" प्रभावी/मुस्तैद हुआ..जिस तरह बाबासाहेब जी ने गांधी जी को जीवनदान दिया था*


*🔥14---बाबरी मस्जिद-राम रथ यात्रा मंडल-कमंडल मुद्दे में देश को उलझाकर पंडित पुजारी ने सन 1992 में संसद में EVM के उपयोग को वैध बनाने के लिए जन-प्रतिनिधि अधिनियम 1951 और चुनाव अधिनियम 1961 इन दोनों अधिनियम में संशोधन किया*


*✍️15---जब BSP ने 1993 व 1995 व 1997 में गठबंधन कि सरकारे बनाई तो काँग्रेस ने पुनः नवम्बर 1998 के बाद से आंशिक तौर पर आम चुनाव/उप-चुनावों में प्रत्येक संसदीय तथा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में अपने हरामी EVM देवता का इस्तेमाल चालू किया जो आज देश मे ताँडव मचा रहा है जिसका अंत जल्दी ही अब कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोग करने वाले है*


*🔥16---2002 में BSP ने  BJP के साथ नीत के गठबंधन कि सरकार बनाई थी विचारों के गठबंधन कि नहीं थी BJP 5 साल कि सत्ता देने के रूप में BSP से "जय भीम" कि बजाय  जय श्री-राम बुलवाना चाहती थी...मगर 24-25 अगस्त 2003 को मान्यवर काँशीराम साहब जी ने लखनऊ मे ऐलान किया था कि मैं प्रधानमंत्री बनूँगा मगर जो सत्ता नीत के खिलाफ बनेगी ऐसी सत्ता को मैं लात मारूँगा या भंग करूँगा कहकर 25.04.2003 को सरकार भंग कर दि*


*✍️17---तो केंद्र कि BJP सरकार ने सत्ता का गैर-इस्तेमाल करके BSP के विधायक तोड़कर दल-बदल कानून कि धज्जियाँ उड़ाकर मुलायम सिंह यादव कि असंवैधानिक सरकार 2003 में बनाई जिसे काँग्रेस ने भी 2004 से 2007 तक बरक़रार रखा शीर्ष अदालत ने साढ़े 3 साल बाद 2007 में दल-बदल कानून विरोधी बनी इस सरकार को गलत बताया.. जिससे साफ होता है कि काँग्रेस + BJP + SP एक ही है जो भीमवादी सरकार केंद्र में बनने नहीं दे रहे है*


*🔥18---BSP देश कि सत्ता पर कब्ज़ा न कर सके उसे रोकने के लिये BJP ने भारत में 2004 के आम चुनाव में देश के सभी मतदान केन्द्रों पर 10.75 लाख काँग्रेस के EVM से चुनाव करवाकर अपनी जननी माँ काँग्रेस को सत्ता में बिठाया...जाहिर है BSP के ही डर के कारण ही तब से हर चुनाव काँग्रेस के EVM से कराया जा रहा है*


*✍️19---BSP का डर काँग्रेस BJP को क्यों सता रहा है इस राज को समझो 2007 में BSP ने U.P में बहुमत कि सरकार बनाई थी तथा दिल्ली में 2 सीट और 14% वोट हरियाणा 15% वोट  राजस्थान में 7 सीटे और 7% वोट मध्य प्रदेश में 7 सीटे तथा 9% वोट तथा महारष्ट्र में 5% वोट पंजाब 8% वोट..बिहार आदि में भी BSP को अच्छे खासे वोट मिले थे तो BSP को देश में रोकने के लिए कांग्रेस-BJP ने  EVM का इस्तेमाल किया अगर EVM कि बजाय बैलेट पेपर से चुनाव होते तो BSP 8-10 राज्यो में सरकार बनाती और भीमवादी सरकार देश में बन जाती*


*🔥20---2008-09 में जब भीमवादी शेरनी बहन मायावती जी का नाम परमाणु डील में प्रधानमंत्री के लिये उभर कर देश के सामने आया था लेकिन समाजवादी पार्टी और BJP ने काँग्रेस कि अल्पमत वाली  सरकार को बचा लिया उस पर कोई बहस क्यों नही करता है...इससे पुनः साफ होता है कि काँग्रेस + BJP + SP एक ही है जो भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी को P.M बनने नहीं दे रहे है*


*✍️21---2009 में काँग्रेस ने EVM में गड़बड़ी करके चुनाव जीता है ऐसा विरोध BJP के लालकृष्ण आडवाणी G.V.L नरसिम्हाराव और ये सुब्रमण्यम स्वामी ने जोर शोर से किया था जो EVM षड्यंत्र का मामला अदालत तक गया...08/10/2013  का फैसला देखे* 


*🔥22---परंतु जब 2010 में भारत के महान इंजिनियर मा.हरी प्रसाद साहब ने अपनी जान अपना करियर दाँव पे लगाकर मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके ही EVM हैकिंग के टेक्निकल सबूत उपलब्ध कराये और बाकायदा वीडियो भी दिखाया...तो सोनिया गाँधी का पिट्टू  मुख्य चुनाव आयुक्त "नवीन चावला" हरी प्रसाद साहब को सम्मान देने की बजाय टेक्निकल सबूतों को साइड करते हुए बड़ी चालाकी से ""EVM चुराने:" के मामले में हरी प्रसाद साहब को जेल में दबोच/ठूँस दिया*


*✍️23---परंतु EVM का विरोध करने वाले BJP के लालकृष्ण आडवाणी G.V.L नरसिम्हाराव और ये सुब्रमण्यम स्वामी चुप बैठ गये उन्हें साँप सूंघ गया इससे पुनः साबित हो गया कि काँग्रेस ही BJP कि जननी माँ है....अगर ऐसा नहीं होता तो 2010 में ही काँग्रेस का हरामी EVM देवता ख़त्म हो जाता जैसे आज करोना न जन्म लिया होता तो NRC CAA NPR के खिलाफ शाहीन बाग के आंदोलन में काँग्रेस का हरामी EVM देवता कि सरकार का अंत होता और मोदी साहब किसानों के खिलाफ कानून बनाने कि हिमाकत न करते तथा किसान आंदोलन न होता*


*🔥24---काँग्रेस ही BJP कि जननी माँ  है इसलिये काँग्रेस के हरामी EVM देवता को ख़त्म करने के बजाय सुब्रमण्यम स्वामी 2012 में VVPAT लगाने के नाम पर काँग्रेस के हरामी EVM देवता को बचाने के लिये कोर्ट गया जिसे 08/10/2013 को सुप्रीम कोर्ट ने EVM से निष्पक्ष चुनाव नहीं होते है ये आर्डर दिया और EVM के साथ VVPAT लगाकर चुनाव कराने के आदेश देकर EVM बचा लिया*


*✍️25---विभीषण-वादी वामन मेश्राम भी सुब्रमण्यम स्वामी जैसा EVM का विरोध करने का ढोंग करकर VVPAT लगाओ का नारा देकर और दिखावे के तौर पे मै 2019 के पहले EVM तोडूंगा ऐसा भ्रम-ढोंग समाज में फैलाता था ताकि कोई सच्चा देश भक्त EVM न तोड़े उसे ऐसा लगे कि EVM तो वामन मेश्राम तोड़ने वाला है इस प्रकार से बिभीषन-वादी वामन मेश्राम ने EVM न तोड़कर काँग्रेस के हरामी EVM देवता को 2019 तक बचा लिया जो अब भीमवादी समाज बचने नहीं देगा*


*🔥26---काँग्रेस के खिलाफ नाराज लोग भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी को आजीवन कभी P.M न बनावे इसलिये काँग्रेस ने अपनी पैदा कि हुई गुलाम B टीम BJP को 08/10/2013 सुप्रीम कोर्ट के आदेश कि धज्जिय्याँ उड़ाकर 2014 को बिना VVPAT के चुनाव करवाकर जितवाया है और तीसरा गाँधी नरेन्द्र गाँधी उर्फ मोदी ठीक वैसा ही देश बर्बाद भी कर रहे है जिसका उदाहरण तीन-तलाक गरीब सवर्ण भाई व कश्मीर से 370 व 35-A हटाना आदि शामिल है*


*✍️27---राजीव गांधी वाली कांग्रेस के बामसेफ का विभीषण-वादी/राजीव गांधी वादी वामन मेश्राम एक तरफ ब्राम्हण को गाली देंन कि आड़ में मिश्रा-मिश्रा नाम पर BSP बदनाम करता है और दूसरी तरफ BSP को काँग्रेस के EVM द्वारा हराने के लिये EVM तोडूंगा ऐसा ढोंग कथन करता है.... अगर ये वामन मेश्राम अपने कथन-नुसार EVM देवता 2019 के पहले हुए चुनाव में तोड़ दिया होता तो 2019 में राहुल गांधी को केरल के वायनाड से चुनाव लड़कर काँग्रेस के नाजायज हरामी EVM देवता को बचाने का मौका न मिलाता और अमेठी के पारंपरिक गढ में राहुल गांधी को हराने कि स्मृती ईरानी कि कोई औकात नहीं है यह तो EVM बचाने का काँग्रेस और BJP और विभीषण-वादी वामन मेश्राम के मिलभगत से खेला गया षड्यंत्र है*


*🔥28---बहुजन हसरत पार्टी का दावा है कि अगर हरामी करोना ने NRC CAA NPR के खिलाफ वाले शाहीन बाग के आंदोलन को नहीं रोका होता तो 2010 में माननीय हरी प्रसाद साहब के हाथों मरते-मरते बचा हुआ EVM 2020 में ख़त्म हो गया होता और किसान भाइयों को किसान विरोधी 3 काले कानून के खिलाफ आंदोलन न करना पड़ता*


*✍️29---3--तलाक पर कानून और किसान भाई के खिलाफ बना 3--काला कानून आखिर ये तीन-तिगाड़ा काम बिगाड़ा का खेल क्या है तथा 5-Aug-2019 को" कश्मीर" से 370 व 35-A हटाना तथा कोरोना-काल मे 5-AUG-2020 को "शम्भूख ऋषि" कि हत्या करने वाले अपराधी के मंदिर का शिलान्यास अयोध्या मे करना तथा 6-DEC 1956 को बाबा-साहेब के मृत्य कि Date और 6-12-92 को बाबरी-मस्जिद को शहीद करने कि Date तथा बहुजन हसरत पार्टी द्वारा 10-01-2017 को "कला और पेशा" मे बँटी वंचित "कलाकार जाति पेशेवर जाति" के लिए SC ST भाईयो कि तरह "सेवा और खिदमत" के नाम पर राजनैतिक आरक्षण कि माँग करना तथा 10-12-20 को P.M साहब ने 1224 साँसदो के लिए "'नई संसद भवन"' का शिलान्यास करना आदि तारीख का तिकड़म क्या है इन तारीख को राजनैतिक तौर पर भीमवादी बनकर समझना होगा*


*🔥30---बहुजन हसरत पार्टी कि आप सबसे अपील है कि लेख में दिये हुए केरला के उदाहरण और अंत में दिये काले कानून और उनकी तारीखों को गौर से पढ़े सोचे समझे और भीमवादी बनकर तर्क करे की ये तारीखे और केरला का संबंध क्या कोई संजोग है या कुछ और...लिखने में कोई गलती या अपराध हुआ है तो कृपया क्षमा कीजिये*


*🤺👉...शूद्रो अब अपनी अक्ल लगाओ*

*🤺👉...संगठित होकर एक हो जाओ*

*🤺👉...दलित मुस्लिम OBC होश मे आओ*  

*🤺👉...अब अपनी सत्ता खुद बनाओ*

*🤺👉...पंडित पुजारी का आतंक मिटाओ*

*🤺👉...भीमवादी दलित को P.M बनाओ*

*🤺👉...OBC जनगणना भीमवादी दलित P.M से कराओ*

*🤺👉...भीमवादी दलित P.M के द्वारा मुस्लिम भाई फिर वापस नवाब बन जाओ*

*🤺👉...कलाकार जाति पेशेवर जाति हिन्दू =मुस्लिम दोनों समुदाय में पायी जाती है*

*🤺👉...ये कलाकार जाति पेशेवर जाति 96% OBC कहलाती है*

*🤺👉...मुस्लिम भाई कुराने हाफिज के साथ साथ संविधान का भी हाफिज बनो*

*🤺👉...वफादार मुसलमान भाईयो हिकमत के तौर पर बुद्ध को अपना राजनैतिक गुरु मानो*

*🤺👉...नवाब बनने के लिऐ भीमवादी दलित को P.M बनाना होगा*

*🤺👉...मुस्लिम भाईयों वापस नवाब बनो*

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*✅🌹...नवाब का मतलब आज का M.P M.L.A C.M व डिप्टी P.M होता है*

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*जय भीम जय हसरत मोहानी*

*बहुजन हसरत पार्टी जिन्दाबाद*

*कलाकार जातियाँ जिन्दाबाद*

*पेशेवर जातियाँ जिन्दाबाद*

*9819316944=9819316944*


*23/01/2021......9819316944*

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(1)-पंडित पुजारी कि पार्टी काँग्रेस-BJP के नाटकीय नूरा-कुश्ती के खेल से 99% लोग अंजान है एक तरफ राहुल गाँधी भारत-जोड़ो-यात्रा का ढोंग कर रहे है तो दूसरी तरफ खडगे और शशी थरूर मे टक्कर दिखाकर खडगे (दलित) को काँग्रेस का अध्यक्ष बनाकर RSS-BJP कि जननी काँग्रेस BSP/भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी को शिकस्त देने के लिए दाँव-पेंच खेली है तथा इन बुद्ध के शूद्रो पर जो आज के MUSLIM SC ST OBC वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोग है इन्हे राजनीति के क्षेत्र में नपुंसक व अपाहिज बनाने के लिए जबरजस्त बेहतरीन चाल भी चली है इसलिए अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मा न बनकर 'भीमवादी-बनो' बहुजन हसरत पार्टी BHP कि बात पर तर्क करो गलत लगे तो देशहित-जनहित मे माफ करो* *(2)-जब-जब BSP को तोड़ा गया तब-तब Muslim Sc St Obc बुद्ध के शूद्र वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोगो ने उसके अगले ही चुनाव में BSP को 3-गुना ज्यादा ताकतवर बनाकर खड़ा किया है जैसे-1993/1995/1997 व 2002-03 में BSP को अ-संवैधानिक तरीके से तोड़कर समाजवादी पार्टी व BJP...

जर्जर स्कूल, खतरे में भविष्यटूटी छतों और दीवारों के बीच कैसे पलेगी शिक्षा की नींव?

भारत में लाखों सरकारी विद्यालय जर्जर हालत में हैं। टूटी छतें, दरारों वाली दीवारें, पानी व शौचालय का अभाव—ये बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई दोनों पर खतरा हैं। पिछले नौ वर्षों में 89 हज़ार सरकारी स्कूल बंद हुए, जिससे शिक्षा में अमीर-गरीब की खाई और गहरी हुई। शिक्षा का अधिकार कानून सुरक्षित भवन की गारंटी देता है, लेकिन ज़मीनी हकीकत अलग है। सरकार, समाज और नागरिकों को मिलकर विद्यालय भवनों की मरम्मत और सुविधाओं में निवेश करना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ मलबों पर नहीं, मजबूत नींव पर अपने सपने खड़ी कर सकें। -डॉ. सत्यवान सौरभ शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आत्मा होती है और विद्यालय उसके मंदिर। यह वह स्थान है जहाँ बच्चों के सपनों को आकार मिलता है, विचारों को पंख मिलते हैं और भविष्य की नींव रखी जाती है। परंतु दुख की बात है कि भारत में, विशेषकर ग्रामीण इलाकों और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में, इन मंदिरों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। अनेक विद्यालयों में छतें टूटी हुई हैं, दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें हैं, बरसात में पानी टपकता है, खिड़कियाँ टूटी हुई हैं, बेंच जर्जर हो चुकी हैं और पीने के पानी तथा शौचालय...