लेखक- एस ए बेताब कहते हैं कि जिंदगी बदलाव चाहती है और यह बात सत्य है ।बिना बदलाव के जीवन अधूरा है,बदलाव खुद आता है या बदलाव को दूसरे लोग लाते हैं। बदलाव निजी जिंदगी का हो या बदलाव व्यवस्था का हो उसके लिए बहुत बड़ा तूफान खड़ा करना पड़ता है ,उस तूफान को लेकर चलना पड़ता है ,तभी बदलाव आता है । आप अगर यह समझे किसी समस्या दूर करने के लिए मात्र सोचने से वह दूर हो जाएगी। यह आपका वहम है । इसके लिए आपको संघर्ष करना पड़ेगा,और संघर्ष का दूसरा नाम ही बदलाव है । हम आपको एक उदाहरण देना चाहते हैं जब आप सड़क पर चलते हैं तो आप देखते हैं कि बहुत सारे गड्ढे आपके मार्ग में आते हैं, जब आप प्रतिदिन के यात्री हैं तो आपको उन गड्ढों का एहसास रहता है और उन गड्ढों से बचकर आप निकलते रहते हैं ,मगर कभी-कभी ऐसा भी होता है थोड़ी सी लापरवाही थोड़ी सी अंजाना पन आपको उस गड्ढे में ले जाता है और दुर्घटना घट जाती है। सब लोग सड़क पर रोजाना जाते हैं मगर गड्ढा भरने का ख्याल किसी को नहीं आता । यही कारण है वह गड्ढा बढ़ता चला जाता है और कभी-कभी यह गड्ढा किसी को घायल कर जाता है, कभी...