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राष्ट्रीय साहित्यान्चल सम्मान हेतु डॉ. प्रियंका सौरभ और डॉ. सत्यवान सौरभ का चयन*“देश-विदेश में सक्रिय लेखन, 27 पुस्तकों के रचयिता साहित्यकार दंपत्ति का साहित्यान्चल सम्मान हेतु चयन”

(हिसार, सिवानी मंडी) 

भीलवाड़ा, राजस्थान – औद्योगिक नगरी के साथ-साथ साहित्य साधना की धरा बन चुके भीलवाड़ा से एक  महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है। साहित्यांचल संस्था द्वारा घोषित परिणामों में सिवानी मंडी के गाँव बड़वा के साहित्यकार दंपत्ति डॉ. प्रियंका सौरभ और डॉ. सत्यवान सौरभ का राष्ट्रीय स्तर के सम्मान हेतु चयन हुआ है।

घोषित सूची के अनुसार, डॉ. प्रियंका सौरभ का चयन “सुशीला देवी खमेसरा राष्ट्रीय साहित्यांचल सम्मान” (₹5100) और डॉ. सत्यवान सौरभ का चयन “स्वरूप सिंह खमेसरा राष्ट्रीय साहित्यांचल सम्मान” (₹5100) के लिए किया गया है।

यह दंपत्ति न केवल सक्रिय साहित्यकार हैं, बल्कि प्रतिदिन देश-विदेश के हज़ारों अख़बारों में विभिन्न भाषाओं में संपादकीय लेख लिखते हैं। डॉ. सत्यवान सौरभ की अब तक 17 पुस्तकें और डॉ. प्रियंका सौरभ की 10 पुस्तकें विभिन्न विधाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं।

संसमयिक विषयों पर लेखन के साथ-साथ दोनों कवि-लेखक कविता, दोहे, कहानियाँ, लघुकथाएँ और बाल कविताएँ भी रचते हैं, जिससे उनकी रचनात्मकता का व्यापक स्वरूप सामने आता है। दोनों ही राजनीति विज्ञान में डॉक्टरेट उपाधि प्राप्त हैं।

डॉ. प्रियंका सौरभ ने चयन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा –

> “शब्द मेरे लिए केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं। यह चयन साहित्य साधना की यात्रा को नई प्रेरणा देगा।”



वहीं डॉ. सत्यवान सौरभ ने कहा –

> “साहित्य साधना का मार्ग कठिन होता है, लेकिन जब समाज और संस्थाएँ उसे मान्यता देती हैं, तो यह तपस्या सार्थक हो जाती है।”



गौरतलब है कि साहित्यांचल संस्था वर्षों से साहित्यकारों को मंच और सम्मान प्रदान कर रही है। संस्था का यह प्रयास साहित्यिक धारा को मजबूती देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भी प्रेरणा दे रहा है।

दोनों साहित्यकारों ने चयन हेतु साहित्यांचल परिवार, निर्णायक मंडल और अपने सभी शुभचिंतकों का आभार प्रकट किया और इसे अपनी साहित्यिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।

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