सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सुंदर नगरी में चमन एस्टेट तोड़ा गया


https://youtu.be/NKEMgey6ncg
 लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में 

तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में 

बशीर बद्र साहब ने यह शेर उस वक्त लिखा था जब मेरठ दंगों में उनका घर दंगाइयों द्वारा जला दिया गया था । घर जलाने, घर तोड़ने, घर को बर्बाद करने के दर्द को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।  जिस इंसान का घर टूटता है चोट उसके दिल पर लगती है।  दिल्ली के सुंदर नगरी इलाके में ब्लॉक f-2/  F1 में चमन एस्टेट को सरकार द्वारा एक बार फिर तोड़ दिया गया है। इस बारे में क्या कहना है शासन और प्रशासन का।  दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम कहते हैं कि यहां पर सब के सहयोग से एक मॉडल स्कूल बनाया जाएगा। जिन लोगों ने जमीन खरीदकर घर बनाए थे उनके घरों से टूटने से उनके सर  से छत चली गई है लोग बेघर हो गए हैं । जमीन का विवाद काफी पुराना है। कोर्ट कचहरी का चक्कर रोजमर्रा के खाने, कमाने वाले क्या जाने । सरकार कहती है कि जमीन  उसकी है चौधरी शेर नबी चमन कहते हैं कि  जमीन उनकी है। और वह कई दशकों से इस पर काबिज है।

 हम ज्यादा पचड़े में न पड़ते हुए एक सवाल करना चाहते हैं कि सरकार की ऐसी स्पष्ट नीति क्यों नहीं है कि उसकी जमीन पर कब्जा ना हो ,या सरकार किसी की जमीन पर कब्जा ना करें । लोग जब आशियाना बनाएं तो उन्हें सरकार स्पष्ट करें कि गलत  जमीन पर बैनामा नहीं होगा । सरकार जो सही जमीन है उसी का बैनामा करेगी ।लेकिन सरकार राजस्व प्राप्त करती है बैनामा  कर देती है तो फिर वह जमीन किसकी है किसने बेंची है का झंझट क्यों छोड़ देती है  ?  इतने सारे कानून बनाए गए फिर आज तक एक ऐसा कानून क्यों नहीं बनाया कि कोई किसी की जमीन पर कब्जा ना कर सके।  21 सितंबर 2020 को Chaman estate टूटने के बाद  कई घरों में में रात को चूल्हा नहीं जला।  जिनकी झुग्गियां तोड़ी गई उनके दिल पर क्या गुजरती है यह तो कोई उन्हीं से जाने 

बशीर बद्र साहब ने बिल्कुल सही फरमाया

 

कि लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में 

और तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में 

 प्रस्तुति - एस ए  बेताब

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

संगम फाउंडेशन व हिंदी उर्दू मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक शानदार नातिया मुशायरा हुआ*

शाहिद खान संवाददाता पीलीभीत*  पीलीभीत: संगम फाउंडेशन व हिंदी उर्दू मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक शानदार नातिया मुशायरा जश्ने ईद मिलादुन्नबी के  सिलसिले में  हाजी ज़हीर अनवर की सरपरस्ती में ग्रेस पब्लिक स्कूल ख़ुदा गंज में आयोजित किया गया जिसकी *सदारत मौलाना मुफ्ती हसन मियां क़दीरी* ने की, निज़ामत का कार्य ज़ियाउद्दीन ज़िया एडवोकेट ने किया जनाबे सदर हसन मियां कदीरी ने अपने कलाम मे कहा जलवाए हुस्ने इलाही प्यारे आका की है जात,रुख से रोशन दिन हैं उन के जुल्फ़ का सदका है रात मुशायरा कनवीनर मुजीब साहिल ने यूं फरमाया दिल के बोसीदा ज़ख्म सीने को इश्क  वाले  चले  मदीने   को हाशिम नाज़ ने अपनी नात पढ़ते हुए कहा बिना ज़िक्रे नबी मेरी कोई पहचान थोड़ी है,कि नाते मुस्तफा लिखना कोई आसान थोड़ी है नाजिम नजमी ने अपने कलाम में यूं कहा सुकूने दिल नहीं मिलता उसे सारे जमाने में बुलालो अबतो आका मुझ को अपने आस्ताने में हर सिमत यहां बारिशे अनवारे नबी है उस्ताद शायर शाद पीलीभीती ने अपने मखसूस अंदाज में कहा  बन के अबरे करम चार सू छा गए जब जहां में हबीबे खुद...

*EVM नये-छोटे-दलों का तथा BSP का उदय केंद्र मे नहीं होने दे रहा है*

(1)-पंडित पुजारी कि पार्टी काँग्रेस-BJP के नाटकीय नूरा-कुश्ती के खेल से 99% लोग अंजान है एक तरफ राहुल गाँधी भारत-जोड़ो-यात्रा का ढोंग कर रहे है तो दूसरी तरफ खडगे और शशी थरूर मे टक्कर दिखाकर खडगे (दलित) को काँग्रेस का अध्यक्ष बनाकर RSS-BJP कि जननी काँग्रेस BSP/भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी को शिकस्त देने के लिए दाँव-पेंच खेली है तथा इन बुद्ध के शूद्रो पर जो आज के MUSLIM SC ST OBC वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोग है इन्हे राजनीति के क्षेत्र में नपुंसक व अपाहिज बनाने के लिए जबरजस्त बेहतरीन चाल भी चली है इसलिए अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मा न बनकर 'भीमवादी-बनो' बहुजन हसरत पार्टी BHP कि बात पर तर्क करो गलत लगे तो देशहित-जनहित मे माफ करो* *(2)-जब-जब BSP को तोड़ा गया तब-तब Muslim Sc St Obc बुद्ध के शूद्र वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोगो ने उसके अगले ही चुनाव में BSP को 3-गुना ज्यादा ताकतवर बनाकर खड़ा किया है जैसे-1993/1995/1997 व 2002-03 में BSP को अ-संवैधानिक तरीके से तोड़कर समाजवादी पार्टी व BJP...

बहेड़ी से 50 जायरीनों का ऐतिहासिक उमराह सफर, शहर में जश्न का माहौल

बहेड़ी, बरेली: गुरुवार को बहेड़ी से 50 जायरीनों का एक बड़ा और ऐतिहासिक काफिला उमराह के मुकद्दस सफर पर रवाना हुआ।  इस काफिले में हमारे व्यापार मंडल के प्रमुख सदस्य मोहम्मद नईम (सर) हाजी अजीम चिश्ती सहित शहर के कई अन्य लोग और उनके परिवारों के लोग शामिल थे, जिससे पूरे नगर में खुशी और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। इस पाक सफर पर जाने वालों में व्यापार मंडल के साथी मोहम्मद नईम साहब, हाजी अजीम चिश्ती, हाजी इकरार अहमद और तौफीक नूरी प्रमुख थे। इस बड़े समूह को विदाई देने के लिए राजनेताओं, समाजसेवियों, और सभी समुदायों के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। जायरीनों को फूल-मालाओं से लादकर विदा किया गया, व्यापार मंडल के अध्यक्ष सलीम रहबर के नेतृत्व में मीडिया प्रभारी वसीम आइडिया, उपाध्यक्ष बबलू अमीर, उमर रशीद, युवा अध्यक्ष नदीम फैंसी, तैयब कासमी, हाजी इरशाद, और ज़लीस शाहजी समेत कई पदाधिकारी और सदस्य जायरीनों से मिले और उनके लिए दुआएँ कीं। इस मौके पर लईक शेरी, वासिफ संगम, नाजिम अनीस, और आसिफ विलियम जैसे अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। शहर भर के लोगों ने दिल से दुआएँ की कि अल्लाह ...