सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

" नेता और प्याज"


" नेता और प्याज़" !

         मैने जब सुना कि नीतीश कुमार जी पर प्याज़ फेंकी गयी तो मुझे अपनी किस्मत पर रोना आया। दुख की जगह मुझे नीतीश जी के भाग्य से ईर्ष्या हुई, - काश ये प्याज़ मेरे ऊपर फेंकी होती तो कम से कम घर के किचन को गुड फील होता। आज कल सब्जी की दुकान पर खड़े होकर प्याज़ का दाम पूछो तो सुनकर कलेजा बैठ जाता है! किस्मत की कलाबाजी देखिए कि उनके ऊपर प्याज फेंकी जा रही है जिसे प्याज़ की कोई चाहत नहीं है !इस वक्त उनकी चिंता वोट को लेकर है, और उन्हें प्याज़ मिल रही है। इसी को कहते हैं,। - बिन मांगे  ' प्याज़ ' मिले,  मांगे मिले ना 'वोट '!
                                नीतीश जी सियासत के घाघ खिलाड़ी हैं, अरसे से विपक्ष के छिलके उतारते आए हैं! इस बार हालात ने समीकरण बिगाड़ रखा है! महंगाई, रोज़गार और भ्रष्टाचार पर विजय पाने से पहले प्याज़ टपक पड़ी ! प्याज़ बड़ी अचूक मिज़ाइल है, जब जब वार करती है - खाली नहीं जाता ! बीजेपी के लिए प्याज़ अशुभ रही है! सुषमा स्वराज ( स्वर्गीय) जब दिल्ली की मुख्यमंत्री थीं तो दिल्ली में कांग्रेस ने उस वक्त नारा दिया था, - प्याज़ टमाटर तेल खतम !
       बीजेपी का  खेल  खतम !!
          मज़े की बात ये है कि इस चुनाव में कोरोना किसी का मुद्दा नहीं है! ( दैवीय आपदा पर नेताओं का क्या ज़ोर !) देश में कोरोना को इतना अंडर स्टीमेट कर दिया है कि वो ठीक ठीक पैसला नहीं कर पा रहा कि रुके या जाये ! जनता डरने की जगह बगैर फेस मास्क के भीड़ में घूम रही है और कोरोना भीड़ देख कर सदमे में हैं! लोग कोरोना से ज़्यादा प्याज़ से डर रहे हैं ! प्याज़ का इंडेक्स ऊपर जा रहा है, कोरोना का नीचे ! प्याज़ बाउंड्री रेखा के बाहर जा रही है और कोरोना गरीबी रेखा से नीचे ! 
               प्याज़ फेंकने के मामले पर नीतीश का कहना था,- ' फेंकने से कुछ नहीं होगा '! वो ठीक कह रहे हैं कि फेंकने से कुछ नहीं होगा ! देश में पहले से ही एक से एक  " फेंकने" वाले मौजूद हैं ! ऐसे ऐसे फेंकने वाले मौजूद हैं कि एक बार फेंक कर भूल जाते हैं और जनता उसे सच समझ कलियुग के पतझड़ में सतयुग का बसन्त ढूढने लगती है ! नीतीश जी तजुर्बेकार नेता हैं ! तभी वो कह रहे हैं कि फैंकने से कुछ नहीं होगा ! जाने उनका इशारा किस तरफ़ है, पर जानते वो भी हैं कि "फेंकने" से कुछ नहीं होता ! फिर भी लोग फैंकने से बाज नहीं आते , मौका मिलते ही " फेंकने" लगते हैं!
             कल बेगम एक किलो प्याज़ खरीद कर लाई और सीधा मुझ पर हमला कर दिया, " आगे से बाज़ार तुम्हीं जाना, पता तो चलें कि प्याज़ को ढूढने में कितना खतरा है !"
      " प्याज़ खरीदने में कैसा खतरा?"
                  " प्याज़ खरीदने में नहीं, ढूढने में खतरा है! मण्डी में प्याज़ कम है और भीड़ ज़्यादा  ! सस्ती प्याज़ ढूढने पर भी नहीं मिलती, कोरोना भीड़ में कहीं भी मिल  सकता है ! आज लगे इस चाइनीज़ कीड़े में "!

  बेगम आग उगल कर चली गईं, और मै कल्पना करने लगा, - काश - "लक्ष्मी मैया"  लिफ्ट करा दे! 
                     प्याज़ टमाटर गिफ्ट करा दे !!
 मेहमान

: लेखक सुल्तान भारती

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

संगम फाउंडेशन व हिंदी उर्दू मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक शानदार नातिया मुशायरा हुआ*

शाहिद खान संवाददाता पीलीभीत*  पीलीभीत: संगम फाउंडेशन व हिंदी उर्दू मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक शानदार नातिया मुशायरा जश्ने ईद मिलादुन्नबी के  सिलसिले में  हाजी ज़हीर अनवर की सरपरस्ती में ग्रेस पब्लिक स्कूल ख़ुदा गंज में आयोजित किया गया जिसकी *सदारत मौलाना मुफ्ती हसन मियां क़दीरी* ने की, निज़ामत का कार्य ज़ियाउद्दीन ज़िया एडवोकेट ने किया जनाबे सदर हसन मियां कदीरी ने अपने कलाम मे कहा जलवाए हुस्ने इलाही प्यारे आका की है जात,रुख से रोशन दिन हैं उन के जुल्फ़ का सदका है रात मुशायरा कनवीनर मुजीब साहिल ने यूं फरमाया दिल के बोसीदा ज़ख्म सीने को इश्क  वाले  चले  मदीने   को हाशिम नाज़ ने अपनी नात पढ़ते हुए कहा बिना ज़िक्रे नबी मेरी कोई पहचान थोड़ी है,कि नाते मुस्तफा लिखना कोई आसान थोड़ी है नाजिम नजमी ने अपने कलाम में यूं कहा सुकूने दिल नहीं मिलता उसे सारे जमाने में बुलालो अबतो आका मुझ को अपने आस्ताने में हर सिमत यहां बारिशे अनवारे नबी है उस्ताद शायर शाद पीलीभीती ने अपने मखसूस अंदाज में कहा  बन के अबरे करम चार सू छा गए जब जहां में हबीबे खुद...

बहेड़ी से 50 जायरीनों का ऐतिहासिक उमराह सफर, शहर में जश्न का माहौल

बहेड़ी, बरेली: गुरुवार को बहेड़ी से 50 जायरीनों का एक बड़ा और ऐतिहासिक काफिला उमराह के मुकद्दस सफर पर रवाना हुआ।  इस काफिले में हमारे व्यापार मंडल के प्रमुख सदस्य मोहम्मद नईम (सर) हाजी अजीम चिश्ती सहित शहर के कई अन्य लोग और उनके परिवारों के लोग शामिल थे, जिससे पूरे नगर में खुशी और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। इस पाक सफर पर जाने वालों में व्यापार मंडल के साथी मोहम्मद नईम साहब, हाजी अजीम चिश्ती, हाजी इकरार अहमद और तौफीक नूरी प्रमुख थे। इस बड़े समूह को विदाई देने के लिए राजनेताओं, समाजसेवियों, और सभी समुदायों के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। जायरीनों को फूल-मालाओं से लादकर विदा किया गया, व्यापार मंडल के अध्यक्ष सलीम रहबर के नेतृत्व में मीडिया प्रभारी वसीम आइडिया, उपाध्यक्ष बबलू अमीर, उमर रशीद, युवा अध्यक्ष नदीम फैंसी, तैयब कासमी, हाजी इरशाद, और ज़लीस शाहजी समेत कई पदाधिकारी और सदस्य जायरीनों से मिले और उनके लिए दुआएँ कीं। इस मौके पर लईक शेरी, वासिफ संगम, नाजिम अनीस, और आसिफ विलियम जैसे अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। शहर भर के लोगों ने दिल से दुआएँ की कि अल्लाह ...

बहेड़ी विधायक अताउररहमान ने जुलुस में शामिल सभी लोगों को जलपान कराकर सभी क्षेत्रवासियों को ईद मिलादुन्नबी की दिली मुबारकबाद दी

#बहेड़ी_दिनांक 5.09.25 को नगर बहेड़ी में जश्ने ईद-मिलादुन्नबी का जुलूस  निकला समाजवादी पार्टी कार्यालय बहेड़ी पर प्रदेश महासचिव/विधायक/पूर्व मंत्री अताउर रहमान  अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे और जुलुस का इस्तकबाल किया। जुलुस में शामिल सभी लोगों को जलपान कराकर सभी क्षेत्रवासियों को ईद मिलादुन्नबी की दिली मुबारकबाद दी और शांति, सौहार्द व भाईचारे के लिए दुआ की l इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नासिर रजा खान, नगर प्रभारी नसीम उर रहमान जी, नगर अध्यक्ष लईक अहमद चांदनी, जोन प्रभारी अखलाक अहमद नेताजी,विधानसभा महासचिव हाशिम अली, कार्यालय प्रभारी इरशाद अली नेताजी,विधानसभा कोषाध्यक्ष हरस्वरूप मौर्य, राजू मौर्य, नगर उपाध्यक्ष झम्मन लाल गुर्जर, राम अवतार श्रीवास्तव, नवीन गंगवार, नगर मीडिया प्रभारी फरीद अंसारी, युवजन सभा के नगर अध्यक्ष इमरान रजा सिद्दीकी, नगर महासचिव फैजुल इस्लाम,असलम खान, शकील रजा फास्ट, तसलीम अंसारी ठेकेदार, लइक उस्मानी, नावेद खान, रिजवान शानू, फैसल सिद्दीकी, शाहिद प्रिन्स, नासिर लतीफ, अतियब नफीस, फरहान चांदनी, आमिर जाफरी, रईस अहमद अ...