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संविधान दिवस पर बहुजन हसरत पार्टी का लेख


*संविधान का जन्मदिन 26/11/1949 मुबारक हो-मुबारक हो-मुबारक हो*

*बहुजन हसरत पार्टी BHP कुछ तारीख को देशहित-जनहित मे भीमवादी बनकर देश का सबसे अच्छा और सच्चा न्यूज चैनल "बेताब समाचार एक्सप्रेस" के माध्यम से उजागर कर रही है 9819316944*

*26/11/1949 संविधान का जन्मदिन*
                           *मगर*
*26/11/2008 को मुम्बई पर आतंकवादी हमला*
                           *मगर*
*6/12/1956 मे विश्व ज्ञानी बाबासाहेब अम्बेडकर का इन्तेकाल-महापरिनिर्वाण दिवस*
                   *मगर*
*6/12/1992 को बाबरी-मस्जिद का कत्ले-आम भी इसी तारीख मे काँग्रेस ने किया*

*नोट::---आखिर महामानव बाबासाहेब के तारीख को खूबी खतरनाक अंजाम क्यूं दिया गया है 26-11-1949 को संविधान का जन्मदिन और 26/11/2008 के ही दिन आतंकवादी हमले होना तथा 6/12/1956 को बाबासाहब का इन्तेकाल हुआ था तो उसी तारीख को बाबरी-मस्जिद का कत्ले-आम करना क्या दलित-मुस्लिम कि बढ़ रही मोहब्बत और एकता को तोड़ना तो नही है क्या भीमवादी दलित देश का P.M न हो तथा वफादार मुसलमान भाई फिर से नवाब न बन सके क्या इसीलिये दलित-मुस्लिम-पिछड़े को आपस मे तबाह करने और लड़ाने के लिऐ सारा गेम चालू है देश के वफादार मुसलमान भाईयो को तथा "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोगो को सब खेल समझना होगा नवाब का मतलब आज का M.P-M.L.A-C.M व डिप्टी P.M होता है*

*25/12/1927 को बाबासाहेब ने मनुस्मृति जलाकर पाप का अंत किया था हर साल के 25/12..को "भाईचारा दिवस" मनाया जाना चाहिए कि नही मनाया जाना चाहिए बोलो "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले भाईयो जरूर बोलो और बताओ जिस दिन भीमवादी दलित देश का P.M होगा इन सभी तारीख पर राष्ट्रीय छुट्टी का ऐलान 1000% होगा*

*तो क्या ये मानकर चलना होगा कि शम्भूख ऋषि कि हत्या करने वाले अपराधी के वंशज कि सरकार 25/12/1927 का बदला 25/12/2027 मे लेने आये है*

*भारत के संविधान के बारे में कुछ बातें :--*
***********************************
*26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था*

*किसी भी देश का संविधान लिखना और उसे लागू करवाना एक बेहद चुनौतीपूर्ण काम होता है क्योंकि जब भी किसी देश की व्यवस्था में संविधान द्वारा सुधार लाने की कोशिश की जाती है तो कुछ हरामखोर लोग तुरंत ही संविधान के खिलाफ खड़े हो जाते हैं*

*बाबा साहेब अम्बेडकर को भी संविधान लिखने में और उसे लागू करवाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था*

*वस्तुतः बाबा साहेब अम्बेडकर एक बेहद ज्यादा पढे-लिखे और आधुनिक विचारधारा वाले व्यक्ति थे देश के असली हीरो के हीरो बाबासाहेब ही है बहुजन हसरत पार्टी सीना ठोंककर बोलती है*

*मगर भीम नाम को चमकाने वाले तथा भीम नाम पर पड़ी धूल को हटाने वाले बाबा साहेब अम्बेडकर जी के ऐकला आदर्शवादी चेला मान्यवर काँशीराम साहब जी के जन्मदिन पे दिनाँक 15/3/2017 को यह बहुजन हसरत पार्टी BHP का उदय "कला और पेशा" मे बँटी वंचित हजारो "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोगो को "सेवा और खिदमत" के नाम पर राजनैतिक आरक्षण देने हेतु हुआ है*

*वो भारत देश का सपूत विश्व ज्ञानी बाबासाहेब इस भारत देश को एक ऐसा आधुनिक और विकसित राष्ट्र बनाना चाहते थे जिसमे सभी धर्मों और सभी जातियों के सभी लोगों का समुचित विकास हो सके और सभी लोगो को पूरा सुख सम्मान और सुरक्षा मिले और वे सभी लोग सुख से जी सकें ऐसे सम्राट अशोक के भारत देश का निर्माण बाबासाहेब करना चाहते थे मगर हिन्दुस्तान शब्द से बाबासाहेब को इतना नफरत था कि वह नफरत संविधान मे साफ-साफ दिखाई देता है तभी तो बाबासाहेब ने संविधान मे INDIA मतलब दैट इज भारत होता है न कि हिन्दुस्तान होता है*

*जो भी नेता किसी भी समुदाय का हो यदि बार-बार भारत देश न बोलकर रैली आदि जगहों पर हिन्दुस्तान बोलते रहते है वही शम्भूख ऋषि कि हत्या करने वाले अपराधी का वंशज हो सकते है क्योंकि जो MUSLIM SC ST OBC भीमवादी होते है वो सभी लोग देशहित-जनहित मे भारत देश बोलते है*

*जो MUSLIM SC ST OBC भीमवादी नही होते है बल्कि अवसरवादी वाले अम्बेडकरवादी होते है वही शम्भूख ऋषि कि हत्या करने वाले अपराधी के वंशज कि सरकार "राम-श्याम" जोड़ी के रूप मे बनाते फिरते है राम-श्याम काँग्रेस और उसकी पैदा कि हुई B टीम BJP है राम-श्याम वाले नेतागण कभी भी भीम-रहीम नाम कि पार्टियों को आगे बढ़ने नही देना चाहती है*

*भीम-रहीम वाली पार्टियाँ बहुजन समाज पार्टी BSP व बहुजन हसरत पार्टी BHP है बहुजन समाज पार्टी (भीम) और बहुजन हसरत पार्टी (रहीम) पार्टी है*

*लेकिन-लेकिन-लेकिन:--*

*(1) कुछ लोग आज भी इस बात से परेशान है कि बाबा साहेब अम्बेडकर भारत को "हिन्दू राष्ट्र" क्यों नही बनने देना चाहते थे तभी तो संविधान के खिलाफ जाकर सरेआम हिन्दुस्तान-हिन्दुस्तान कि बोलकर संविधान कि धज्जियाँ उड़ाते फिर रहे है*

*(2) कुछ लोग इस बात से परेशान थे कि संविधान में SC और ST समाज के लोगों को पढ़ने-लिखने और वोट डालने जैसे अधिकार क्यों दिए गये हैं मगर एक बात का बहुजन हसरत पार्टी को घोर दुःख और अफसोस है कि बाबा साहेब के बनाये हुऐ संविधान पर "मौलाना हसरत मोहानी साहब" ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था*

*(3) कुछ लोगों को आरक्षण से परेशानी हो रही थी और आज तक वह परेशानी जारी है बल्कि अब "कला और पेशा" मे बँटी वंचित हजारो "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोगो को SC ST भाईयो कि तरह "सेवा और खिदमत" के नाम पर राजनैतिक आरक्षण कि माँग 2017 से चालू है यह महान नया मुद्दा "बहुजन हसरत पार्टी BHP" द्वारा अदालत के जरिये तीन-तीन संस्थाओ के माध्यम से 7/7 P.I.L और SLP (C) दाखिल करके उठाया गया है*

*(4) कुछ लोगों को इस बात से परेशानी हो रही थी कि महिलाओं को पुरुषो के बराबर क्यों माना जा रहा है और महिलाओं को भी इतने ज्यादा अधिकार क्यों दिए जा रहे हैं*

*(5) कुछ लोगों को इस बात से परेशानी थी कि मुस्लिमों और ईसाईयों को वोट देने का अधिकार क्यों दिया गया है "कल के ज्ञानी बहुजन" ही आज के "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोग है इन्ही को ^कामगार-मजदूर-श्रमिक^ भी कहते है जिनकी जनसँख्या पूरे देश मे 50% के इर्द-गिर्द है जो ^हिंदू-मुस्लिम^ दोनो समुदायो मे पायी जाती है जो सब के सब 96% OBC कि श्रेणी मे आते है यदि माननीय अदालत ने केंद्र सरकार को "कला और पेशा" मे बँटी हजारो "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोगो के उद्धार के लिऐ SC ST भाईयो कि तरह "सेवा और खिदमत" के नाम पर राजनैतिक आरक्षण हेतु कोई डायरेक्शन कानून बनाने के लिए दे दी होती तो यह बहुजन हसरत पार्टी BHP का उदय BSP के जन्मदाता मान्यवर काँशीराम साहब के जन्मदिन 15/3/2017 को कदापि नही होता*

*वस्तुतः संविधान के विभिन्न मुद्दों पर बाबा साहेब अम्बेडकर के खिलाफ रोजाना हज़ारों लोग चिल्लाते रहे लेकिन बाबा साहेब अंम्बेडकर ने अपने किसी भी विरोधी की परवाह नही की और संविधान को लिखकर अंजाम तक पहुंचा दिये*

*बल्कि बाबा साहेब अम्बेडकर ने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी और भारत के संविधान में MUSLIM SC ST OBC सिख ईसाई और बौध्द समाज के सभी लोगों को समुचित अधिकार मानवता के तहत देने में थी*

*आज विश्व ज्ञानी बाबासाहेब के वजह से किसी भी धर्म या जाति का व्यक्ति राष्ट्रपति प्रधानमन्त्री मुख्यमंत्री जज अफसर आदि बन सकता है, तो यह सब इतने शानदार संविधान के कारण ही सम्भव हुआ है 25/12/1927 को आखिर पाप अंत बाबा साहेब ने मनुस्मृति जलाकर इसीलिऐ तो किया था हा हा हा हा•••••••••*

*भारत का संविधान 2.50% वाले अल्पसंख्यक पंडित पुजारी के पाखंड को उजागर करके अन्धविश्वास हरामखोरी जातिय भेदभाव धार्मिक भेदभाव और धार्मिक कट्टरता का कट्टर विरोधी है*

*भारत का संविधान भाईचारा शिक्षा समानता लोकतंत्र जागरुकता आधुनिकता धर्मनिरपेक्षता तकनीकी विकास और तरक्की और राष्ट्रीय एकता का कट्टर समर्थक है*

*जिन नालायक और हरामखोर लोगों को भारत का संविधान पसन्द नही है वो लोग भारत को छोड़ सकते हैं यह बहुजन हसरत पार्टी BHP कि देशहित-जनहित मे ऐलान है हमे तो भारत भी पसन्द है और भारत का संविधान भी पसन्द है*

*जय भीम, जय हसरत मोहानी जय भारत*
*जय संविधान 9819316944*

 

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