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गांव हरसोली का सैनिक इमरान आसाम में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ के दौरान शहीद



 मुजफ्फरनगर  का इतिहास रहा है यहां पर सेना एवं अर्धसैनिक बलों में शहादत देने वाले जवानों की कोई कमी नहीं रही है इसी कड़ी में हरसोली गांव के सैनिक इमरान ने शहादत देकर एक और नाम लिखवा दिया है।  शाहपुर। गांव हरसौली निवासी सैनिक इमरान आसाम में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से शहीद हो गया। सोमवार की दोपहर इमरान के शहीद होने की सूचना परिजनों को मिली, तो परिजनों में कोहराम मच गया। देश के लिए मर मिटने का जज्बा लेकर  सेना में भर्ती होते हैं नौजवान पता नहीं कब कौन सी गोलियां करके जवान का सीना छलनी कर दे हर साल देश के  बहुत सारे सैनिक  इसी तरह से शहीद हो जाता है और देश को  किसी भी अंदरूनी और बाहरी  खतरे से  बचा कर रखते हैं । मृतक सैनिक अपने भाइयों में सबसे बड़ा था। वह अपने पीछे अपनी मां व पत्नी सहित दो बच्चों को छोड़ गया। गांव हरसौली निवासी ताहिर का बड़ा पुत्र इमरान 8 वर्ष पूर्व सेना में भर्ती हुआ था। इन दिनों वह आसाम में तैनात था। इमरान की शादी गांव कसेरवा से इमराना के साथ हुई थी। उसके दो बच्चे भी है। अभी कुछ दिन पहले वह घर से छुट्टी काटकर आसाम गया था। उसका छोटा भाई जीशान सऊदी अरब में नौकरी करता है, वह भी सऊदी गया हुआ है। सोमवार की दोपहर में सेना मुख्यालय से उसकी पत्नी के फोन पर उसकी मौत की सूचना मिली, तो घर मे कोहराम मच गया। उसकी मां जहूरा व पत्नी का रो रोकर बुरा हाल बना हुआ है। दोनों बच्चों के सुबकने से भी घर मे मातम छाया हुआ है। इमरान के पिता की मृत्यु बहुत पहले हो चुकी थी। मां ने ही इन्हें पढ़ाया। मृतक सैनिक अपने पीछे पत्नी व दो बच्चों को छोड़ गया। परिजनों के मुताबिक सैनिक का शव मंगलवार की देर शाम तक गांव पंहुचेगा, इसके बाद शहीद सैनिक को सुपुर्दे खाक  किया जाएगा

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