सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आजादी के मतवाले 50 सूची कैदी अंडमान द्वीप आजीवन कारावास


 आजादी के मतवाले ( 50)

सूची कैदी अंडमान द्वीप आजीवन कारावास

11:-  पिसर अली : उन्होंने अपने क्षेत्र में किसानों को संगठित किया। एक अंग्रेज ऑफिसर ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया तो उन्होंने उसकी हत्या कर दी जिसके आधार पर उनको फांसी की सजा दी गई।

 12 :- मुराद अली जिला फर्रुखाबाद के रहने वाले थे। पुराली के मुकदमे में फांसी की सजा सुनकर पुलिस में विद्रोह फैलाया।  । अपने आधिकारियो का आदेश मानने से इंकार कर दिया । कोर्ट मार्शल हुआ और फांसी के बदले कालापानी भेजे गए। वतन देखने  की सूरत देखने का भाग्य नहीं मिला नहीं मिला।

13:-  हुसैन खाँ: पुलिस में नौकरी करते थे उन पर सिपाहियों में विद्रोह फैलाने के लिए मुकदमा चलाया गया और अंडमान भेज दिए गए।

14 :-हसमत अली: यह चंडेला के निवासी थे। सिपाहियों में विद्रोह फैलाने का आरोप लगाया गया।  काले पानी की सजा हुई और अपील करने पर छूट गए ।

15:- मंसब अली  आप भी चंडेला के निवासी थे। सिपाहियों में विद्रोह फैलानेकके आरोप मे विद्रोही ठहराए गए  और अंडमान भेजें  गए।

 16:- सफदर हुसैन जिला सुल्तानपुर के निवासी थे। भाइयों में विद्रोह की भावना उत्पन्न करने का आरोप लगाया गया। काले पानी की सजा हुई और अंडमान भेजे गए।

 17:- गुलाम हुसैन: जौनपुर के निवासी थे उन पर सिपाहियों में  विद्रोह फैलाने का आरोप था।  काले पानी की सजा हुई। अंडमान भेज दिए गए।

18:- मौलवी अलाउद्दीन हैदराबाद के निवासी थे। उत्तेजित करने वाले भाषण देते थे।  फांसी की सजा हुई।20 :-मौलाना अब्दुल गफ्फार: स्वतंत्रता संग्राम में अपने उत्तेजना पूर्ण कार्यों के लिए गिरफ्तार हुए ।विद्रोह फैलाने के लिए हाजी दीन मोहम्मद के साथ अभियुक्त ठहराया गया और काला पानी भेज दिया गया ।

 21 :- हाजी दीन मोहम्मद : पुलिस ने गिरफ्तार कर के विद्रोह का आरोप लगाया। अपने झूठे गवाह से बयान दिलवाकर आरोप साबित किया ।अंडमान भेज दिए गये।  फिर देश वापस आना नसीब नहीं हुआ। 

 प्रस्तुति एस ऐ बेताब संपादक बेताब समाचार एक्सप्रेस हिंदी मासिक पत्रिका एवं यूट्यूब चैनल

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

संगम फाउंडेशन व हिंदी उर्दू मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक शानदार नातिया मुशायरा हुआ*

शाहिद खान संवाददाता पीलीभीत*  पीलीभीत: संगम फाउंडेशन व हिंदी उर्दू मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक शानदार नातिया मुशायरा जश्ने ईद मिलादुन्नबी के  सिलसिले में  हाजी ज़हीर अनवर की सरपरस्ती में ग्रेस पब्लिक स्कूल ख़ुदा गंज में आयोजित किया गया जिसकी *सदारत मौलाना मुफ्ती हसन मियां क़दीरी* ने की, निज़ामत का कार्य ज़ियाउद्दीन ज़िया एडवोकेट ने किया जनाबे सदर हसन मियां कदीरी ने अपने कलाम मे कहा जलवाए हुस्ने इलाही प्यारे आका की है जात,रुख से रोशन दिन हैं उन के जुल्फ़ का सदका है रात मुशायरा कनवीनर मुजीब साहिल ने यूं फरमाया दिल के बोसीदा ज़ख्म सीने को इश्क  वाले  चले  मदीने   को हाशिम नाज़ ने अपनी नात पढ़ते हुए कहा बिना ज़िक्रे नबी मेरी कोई पहचान थोड़ी है,कि नाते मुस्तफा लिखना कोई आसान थोड़ी है नाजिम नजमी ने अपने कलाम में यूं कहा सुकूने दिल नहीं मिलता उसे सारे जमाने में बुलालो अबतो आका मुझ को अपने आस्ताने में हर सिमत यहां बारिशे अनवारे नबी है उस्ताद शायर शाद पीलीभीती ने अपने मखसूस अंदाज में कहा  बन के अबरे करम चार सू छा गए जब जहां में हबीबे खुद...

*EVM नये-छोटे-दलों का तथा BSP का उदय केंद्र मे नहीं होने दे रहा है*

(1)-पंडित पुजारी कि पार्टी काँग्रेस-BJP के नाटकीय नूरा-कुश्ती के खेल से 99% लोग अंजान है एक तरफ राहुल गाँधी भारत-जोड़ो-यात्रा का ढोंग कर रहे है तो दूसरी तरफ खडगे और शशी थरूर मे टक्कर दिखाकर खडगे (दलित) को काँग्रेस का अध्यक्ष बनाकर RSS-BJP कि जननी काँग्रेस BSP/भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी को शिकस्त देने के लिए दाँव-पेंच खेली है तथा इन बुद्ध के शूद्रो पर जो आज के MUSLIM SC ST OBC वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोग है इन्हे राजनीति के क्षेत्र में नपुंसक व अपाहिज बनाने के लिए जबरजस्त बेहतरीन चाल भी चली है इसलिए अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मा न बनकर 'भीमवादी-बनो' बहुजन हसरत पार्टी BHP कि बात पर तर्क करो गलत लगे तो देशहित-जनहित मे माफ करो* *(2)-जब-जब BSP को तोड़ा गया तब-तब Muslim Sc St Obc बुद्ध के शूद्र वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोगो ने उसके अगले ही चुनाव में BSP को 3-गुना ज्यादा ताकतवर बनाकर खड़ा किया है जैसे-1993/1995/1997 व 2002-03 में BSP को अ-संवैधानिक तरीके से तोड़कर समाजवादी पार्टी व BJP...

बहेड़ी से 50 जायरीनों का ऐतिहासिक उमराह सफर, शहर में जश्न का माहौल

बहेड़ी, बरेली: गुरुवार को बहेड़ी से 50 जायरीनों का एक बड़ा और ऐतिहासिक काफिला उमराह के मुकद्दस सफर पर रवाना हुआ।  इस काफिले में हमारे व्यापार मंडल के प्रमुख सदस्य मोहम्मद नईम (सर) हाजी अजीम चिश्ती सहित शहर के कई अन्य लोग और उनके परिवारों के लोग शामिल थे, जिससे पूरे नगर में खुशी और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। इस पाक सफर पर जाने वालों में व्यापार मंडल के साथी मोहम्मद नईम साहब, हाजी अजीम चिश्ती, हाजी इकरार अहमद और तौफीक नूरी प्रमुख थे। इस बड़े समूह को विदाई देने के लिए राजनेताओं, समाजसेवियों, और सभी समुदायों के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। जायरीनों को फूल-मालाओं से लादकर विदा किया गया, व्यापार मंडल के अध्यक्ष सलीम रहबर के नेतृत्व में मीडिया प्रभारी वसीम आइडिया, उपाध्यक्ष बबलू अमीर, उमर रशीद, युवा अध्यक्ष नदीम फैंसी, तैयब कासमी, हाजी इरशाद, और ज़लीस शाहजी समेत कई पदाधिकारी और सदस्य जायरीनों से मिले और उनके लिए दुआएँ कीं। इस मौके पर लईक शेरी, वासिफ संगम, नाजिम अनीस, और आसिफ विलियम जैसे अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। शहर भर के लोगों ने दिल से दुआएँ की कि अल्लाह ...