सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बहुजन हसरत पार्टी का मुद्दा 2300 पार्टियों से अलग



 *देश मे काँग्रेस-BJP के खिलाफ लगभग 2300 पार्टियों ने अपना-अपना मुद्दा लेकर मोर्चा खोला है इसके बाद आज देश मे अनगिनत नये-नये अखबार न्यूज चैनल आदि मार्केट मे खूब धूम मचाये हुऐ है मगर किसी के पास समाज मे सीना तानकर जाने के लिए हिम्मत और मुद्दे नही बचे है मगर बहुजन हसरत पार्टी के पास वह मुद्दा है जो समाज खाली जान जावे तो इस पार्टी को पलकों पे रखकर तथा अपने कंधो पर बैठाकर पूरे देश मे घुमाने से परहेज भी नही करेगी*


*मगर जितने भी नये दल 2300 के ईर्द-गिर्द बन चुके है आज कि तारीख मे किसी के पास बहुजन हसरत पार्टी जैसा काबिल जायज मुद्दा नही होगा बहुजन हसरत पार्टी अपने आप पे घमंड नही कर रही है सच से रूबरू करा रही है सभी पार्टियाँ वोटरो को लुभाने के लिए चुनाव मे घोषणापत्र जारी करती है यह बात सभी देशवासी को बखूबी पता है मगर चुनाव मे बहुजन हसरत पार्टी BHP का संकल्प पत्र वही होगा जो अदालत से लेकर P.M तक दिया गया है*


*बहुजन हसरत पार्टी BHP बड़ी बात से तौबा करती है मगर चैलेंज तो नही बल्कि प्यार से काँग्रेस आदि सभी पार्टियों को तथा नये-नये न्यूज चैनलो से अपील करती है कि बहुजन हसरत पार्टी के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष मुहम्मद मैराज शेख साहब जी द्वारा उठाया गया अदालती मुद्दा ^कलाकार जाति पेशेवर जाति^ वाले लोगो के सहारे अपनी-अपनी खोई हुई जमीन फिर ले लो सत्ता फिर से प्राप्त कर लो तथा साथ-साथ नये-पुराने न्यूज चैनल वालो को भी यह अनोखा नया प्लेटफार्म कलाकार जाति पेशेवर जाति के नाम से हासिल हो सकता है*


*आज काँग्रेस के खिलाफ जो पार्टियाँ धरती पर अवतार ले चुकी है क्या कोई भी पार्टी काँग्रेस के मुख्य दुखद "'नस"' पर वार कर सकती है बोलो नही बिल्कुल नही?? मगर काँग्रेस पार्टी व नये-नये न्यूज चैनल भी अपनी किस्मत बहुजन हसरत पार्टी के मुद्दे पर फिर से चमका सकते है ये काँग्रेस पार्टी 1984 के बाद से U.P-बिहार से ऐसे गायब हो गई है इसकी वजह काँग्रेस के वफादार दलित+मुस्लिम वोट इन दोनो सूबे से किनारा कर गयी है इस काँग्रेस को ढूंढने से अब जमीन नसीब नही हो पा रही है इसलिऐ बहुजन हसरत पार्टी के 5 हजार साल के system व नाम को काँग्रेस आदि अन्य दल के नेतागण भुना लेवे तो बहुत ही अच्छा होगा वरना बाद मे ऐसा मौका नही मिलेगा*


*काँग्रेस हो या देश के अन्य छोटे-बड़े दल हो या नये-पुराने न्यूज चैनल हो इन सभी को अब जल्दी ही बहुजन हसरत पार्टी द्वारा दिया गया महान नया नाम ^कलाकार जाति पेशेवर जाति^ वाले प्लेटफार्म पे आना ही होगा तभी इन सबका कल्याण होगा क्योंकि यह ^कलाकार जाति पेशेवर जाति^ नाम का प्लेटफार्म भले नया है परन्तु इसकी नींव 5 हजार साल पुरानी है*


*कल के "'ज्ञानी बहुजन"' ही आज के ^कलाकार जाति पेशेवर जाति^ वाले लोग है इन्ही को ::कामगार-मजदूर-श्रमिक:: भी कहते है याद करो सोंचो आखिर 1 मई-May को देश मे क्या मनाया जाता है*


*मगर आज तक देश कि 50% के ऊपर सबसे बड़ी आबादी वाली वंचित ^कलाकार जाति पेशेवर जाति^ वाले लोगो कि वोट सब पार्टियाँ मौज से लेती चली आ रही है परंतु ये "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोग सदियो से सर्व समाज कि ^सेवा और खिदमत^ करते चले आ रहे है इन 50% के ऊपर आबादी वाले वंचित जातियों के लिए किसी भी पार्टियों ने कुछ नही किया है इन्ही के उद्धार के लिऐ बहुजन हसरत पार्टी ने अदालत मे 7/7 P.I.L और SLP (C) दाखिल करके लड़ाई लड़ी यदि माननीय अदालत ने केंद्र सरकार को इन वंचित ^कला और पेशा^ मे बँटी हजारो "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोगो के उद्धार के लिऐ SC ST भाई कि तरह ^सेवा और खिदमत^ के नाम पर राजनैतिक आरक्षण हेतु कानून बनाने का डायरेक्शन माननीय अदालत ने केन्द्र सरकार को दे दी होती तो बहुजन हसरत पार्टी का उदय कदापि न होता मगर माननीय अदालत ने दिस इज ऐ नाँट मैन्टीनेबुल करके सभी P.I.L और SLP (C) खारिज कर दी तब मजबूरी मे यह बहुजन हसरत पार्टी का उदय बाबासाहेब के ऐकला आदर्शवादी चेला तथा BSP के जन्मदाता मान्यवर काँशीराम साहब जी के जन्मदिन 15/3/2017 पर हुआ है* 


*7/7 P.I.L और SLP (C) अदालत मे दाखिल करके लड़ाई लड़ी '"दिस इज ऐ नाँट मैन्टीनेबुल"' करके माननीय अदालत ने सभी केस खारिज कर दिया इसके बाद भी बहुजन हसरत पार्टी ने हिम्मत नही हारी और मुस्लिम महिलाओ के उद्धार के लिऐ 3-तीन तलाक पर कानून बनाने वाले तथा गरीब सवर्ण भाई को 10% आरक्षण देने वाले P.M मोदी सहित अनेक आला-मंत्री और आफिसर को यह बहुजन हसरत पार्टी ने 28/5/2019 से लेकर Oct..2020 तक 130 रजि० व Speed post भेजकर ये अपील भी करी है*


*जिस तरह मुस्लिम महिलाओं का भला किये हो तथा गरीब सवर्ण भाई को आरक्षण दिये हो ठीक उसी तरह इन वंचित ^कला और पेशा^ मे बँटी हजारो "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोगो को SC ST भाई कि तरह ^सेवा और खिदमत^ के नाम पर राजनैतिक आरक्षण हेतु कानून बनाकर दो वरना ये "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोग भविष्य मे नया आन्दोलन खड़ा करके नया नारा न लगाना चालू कर देवे कि हम वंचित ^कला और पेशा^ मे बँटी हजारों "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोगो को SC ST भाई कि तरह ^सेवा और खिदमत^ के नाम पर राजनैतिक आरक्षण दो वरना जाति व्यवस्था ही ख़त्म करो*


*^कला और पेशा^ मे बँटी वंचित हजारो कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोग हिन्दू=मुस्लिम दोनो समुदायो मे पाये जाते है जिनकी जनसँख्या पूरे देश मे 50% के इर्द-गिर्द है जिनका पूरा आधा देश है जो सब के सब 96% OBC कहलाते है*


*इन्ही 3743 OBC के हक-अधिकार का खून काँग्रेस पार्टी ने किया है यह आरोप बहुजन हसरत पार्टी BHP काँग्रेस पार्टी पर नही लगा रही है बल्कि 3743 OBC जाति वालों को सब पता है इन्ही को बहुजन हसरत पार्टी BHP ने अदालत के जरिये 3-3 संस्थाओं के माध्यम से महान नया नाम "कलाकार जाति पेशेवर जाति" क्यों दिया है सोंचो आखिर बहुजन हसरत पार्टी BHP को इक्कसवी सदी मे यह महान नया नाम "कलाकार जाति पेशेवर जाति" क्यों देना पड़ा है*


*काँग्रेस पार्टी बहुजन हसरत पार्टी BHP को साथ लेकर "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले महान नये प्लेटफार्म के सहारे अपनी खोई जमीन फिर हासिल कर सकती है तथा अन्य छोटे-बड़े दल भी बहुजन हसरत पार्टी के मुद्दे को कंधा बनाकर राजनीति के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर सत्ता मे बराबरी कि भागीदारी ले सकते है काँग्रेस सहित अन्य दल तथा नये-पुराने न्यूज चैनल वालो भीमवादी बनकर तर्क करो कि जब 50% आबादी वाले लोग बहुजन हसरत पार्टी BHP को जब अपना मसीहा मानेगे तो आप सभी को कैसा लगेगा देश मे 35% जो पार्टी वोट लेने मे कामयाब हो जाती है उनकी सरकार बन जाती है मगर गौर करो इन ^कला और पेशा^ मे बँटी वंचित कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोगो कि जनसंख्या 50% के इर्द-गिर्द है*


*याद रखो जिन्दगी मे सभी काम नये तौर तरीके से जब चालू किये जाते है तो 100 लोगो मे 95 लोगो को वह नया काम फर्जी बकवास ढोंगी और ना-काबिल दिखता है मगर जब वह नया काम को जब 5 लोग अंजाम दे देते है तो फिर वही बुराई करने 95 लोग एक पैर पे खड़े होकर 5 लोगो कि जी-हूजूरी करने से नही थकते है 5 लोगो का नाम ही बहुजन हसरत पार्टी है*


*मगर बहुजन हसरत पार्टी द्वारा दिया गया महान नया नाम "कलाकार जाति पेशेवर जाति" काँग्रेस सहित सभी पार्टियों को तथा नये-पुराने न्यूज चैनल को फर्जी और बकवास नही समझना होगा जो फर्जी और बकवास समझा मानो वह अपनी तरक्की से कोसो दूर चला गया है*


*काँग्रेस पार्टी सहित देश के छोटे-बड़े दल तथा नये-पुराने न्यूज चैनल वालो से बहुजन हसरत पार्टी "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोगो के ताकत पर घमंड करके प्यार से उन सभी लोगो से कहना चाहती है कि बहुजन हसरत पार्टी के दिये गये मुद्दे को खासकर यदि काँग्रेस पार्टी आदि दल वाले नेतागण ने भुना लिया तो देश आजाद होने के बाद OBC लोगो मे जो एक बात चलन पर है कि काँग्रेस पार्टी ने हम OBC भाईयों को SC ST भाई कि तरह राजनैतिक आरक्षण न देकर हमारे हक-अधिकार का खून किया है वह कलंक काँग्रेस पार्टी के ऊपर से आजीवन मिट जायेगा*


*बहुजन हसरत पार्टी के मुद्दे को यदि काँग्रेस पार्टी सहित अन्य दल के नेतागण लेकर चल पड़े तो काँग्रेस पार्टी को 101% मुक्ति मिलना तय है बाकी अन्य दलो को और नये-पुराने न्यूज चैनलो को भी समाज मे जायज पैर फैलाने का अर्थात पसारने का मौका मिल जायेगा*


*बहुजन हसरत पार्टी के मुद्दे को काँग्रेस पार्टी क्या जो भी अन्य दल और नये-पुराने न्यूज चैनलो ने मान लिया मानो उसे अपनी जमीन बनाने मे तथा अपने-अपने दल कि सरकार बनाने मे मानो जैसा नयी संजीवनी बूटी अर्थात अलादीन का चिराग मिल गया हो*


*बहुजन हसरत पार्टी ने जिन-जिन जातियों को महान नया नाम कलाकार जाति पेशेवर जाति दिया है तथा कुछ आयोगो के नाम का उदाहरण तथा जातियों का नाम नीचे दिया जा रहा है*


*1••❌पसमांदा-फँसमांदा  1908-09*

*2••❌काका-कालेलकर आयोग 1953-55*

*3••❌1978-92 मंडल आयोग*

*4••❌2005-07 सच्चर समिती-रंगनाथ मिश्रा आयोग*


*•••आदि दर्जनो-भर आयोग आज तक बनाकर रखे गये है परन्तु ऊपर जो 4 बिन्दु कि सूंची मे जिन जातियों का जिक्र है उन्ही को बहुजन हसरत पार्टी BHP ने महान नया नाम कलाकार जाति पेशेवर जाति दिया है मंडल आयोग के रिपोर्ट मे ARTISAN CAST- आर्टिशियन कास्ट शब्द अनेको बार आया है*


*कुछ जातियों का नाम संक्षेप मे देखा जाय*


*1)..चुड़ीहार (मनियार) चूड़िया बनाता है.. 2)..मल्लाह निषाद मछलीहार मछली पकड़ता है.. 3)..दर्जी-कपड़ा सिलता है.. 4)..नाऊ-दाढ़ी बनाता है.. 5)..धुनियाँ-रजाई/गद्दा धुनता है.. 6)..डफाली-डफ़ली यानि शादी विवाह में बैंड-बाजा बजाता है.. 7).. लोनियाँ-ईट बनाता है..8)..ठठेरा-बर्तन बनाता है.. 9)..धोबी-कपड़ा धोता है..10)..मिल्कमैन (यादव)-दूध वाला कहलाता है.. 11)..चौरसिया-पान की पैदावार करता है..12)..बढ़ई कुर्सी मेज बनाता है.. 13)..अंसारी-कपड़ा बुनता है..14)..कुम्हार (प्रजापति)-मिट्टी का सामान बनाता है.. 15)..कहार (गौड़)-डोली उठता और शादी विवाह में पानी भरता है..16)..लोहार-लोहे का औजार बनाता है..17)..सुनार-सोने का आभूषण बनाता है..18)..धरिकार- (बंसफोड) बाँस का सारा सामान बनाता है..19)..कोईरी-(मौर्य सैनी कुशवाहा)-सब्जी की पैदावार करता है..20)..राईन(कुंजड़ा)-सब्जी बेचता है..21)..नोनियाँ-नमक बनाता है..22)..तांबेर तांबे का बर्तन बनाता है.. 23)..हवाईदार-पटाखे बनाता है.. 24)..सलमानी(तुर्किया नाऊ) बाल दाढ़ी काटता है..  25)..रंगरेज-छपाई का काम करता है..26)..गुप्ता (भड़भूजा)-चना दाना भूँजते है..27)..सिद्दीकी-तेल की पेराई करता है..28)..ज्योतिष-भविष्य बताने वाला..29)..शेख मेहतर हलालखोर आदि है*


*नोट•••आखिर कलाकार जाति पेशेवर जाति जैसा नया नाम क्यों देना पड़ा जिनका ''कला और पेशा'' पूरे देश मे एक ही तरह का है परन्तु देश के हर राज्यों में तथा कुछ राज्यों के जिलो में इन्हे अलग-अलग कैटगरी में रखने का कारण समझ के बाहर था बहुजन हसरत पार्टी इसी षड्यंत्र को उजागर करने के लिए यह नया नाम कलाकार जाति पेशेवर जाति दिया है संवैधानिक अधिकार से वंचित रखना तथा वर्ष 1947 से आज 2020 तक षड्यंत्र के तहत सभी पूर्व कि भारत सरकारो ने इनको ठगा है कलाकार जाति पेशेवर जाति ही अब इसका हल और उपाय है ये कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोग 96% OBC कैटेगरी में आते है ये हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों में पाये जाते है मंडल आयोग मे आर्टिशियन शब्द अनेको बार आया है और ARTISAN का मतलब कला और पेशा होता है*


 *नीचे कुछ कैटेगरी के नाम ठगी गई कलाकार जातियाँ पेशेवर जातियों का नाम दिया जा रहा है जैसे :*


*1..रजक-निर्मल-बरेठा दिवाकर कन्नौजिया(धोबी भाई) यह UP में SC के श्रेणी में आते है तथा मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में OBC के श्रेणी में आते हैं जो समझ के बाहर है इसी षड्यंत्र के तहत वर्षो से ये मनुवादी सत्ता का सुख भोग रहे है इसलिए इन सबका एक उपाय ''कलाकार जाति-पेशेवर जाति'' तथा घुमंतू/आदिवासी जाति-जनजाति का कॉलम "स्वास्थ्य पहचान पत्र" पर जाति का कालम /2021 कि जनगणना फ़ॉर्म में निर्धारित किया जाय*


*2...विश्वकर्मा (लोहार भाई) यह UP में OBC के श्रेणी में आते है तथा बिहार हिमांचल प्रदेश और दिल्ली में शायद SC के श्रेणी में आते हैं जो समझ के बाहर है इसी षड्यंत्र के तहत वर्षो से ये मनुवादी सत्ता का सुख भोग रहे है इसलिए इन सबका एक उपाय ''कलाकार जाति-पेशेवर जाति'' तथा घुमंतू/आदिवासी जाति-जनजाति का कॉलम "स्वास्थ्य पहचान पत्र" पर जाति का कालम /2021 कि जनगणना फ़ॉर्म में निर्धारित किया जाय*


*3...प्रजापति (कुम्हार भाई) यह UP में OBC के श्रेणी में आते है तथा मध्य प्रदेश में और बुंदेलखंड के कुछ 10 जिलों में SC के श्रेणी में आते हैं जो समझ के बाहर है इसी षड्यंत्र के तहत वर्षो से ये मनुवादी सत्ता का सुख भोग रहे है इसलिए इन सबका एक उपाय ''कलाकार जाति-पेशेवर जाति'' तथा घुमंतू/आदिवासी जाति-जनजाति का कॉलम "स्वास्थ्य पहचान पत्र" पर जाति का कॉलम तथा 2021 कि जनगणना फ़ॉर्म में निर्धारित किया जाय*


*मुसलमान भाईयो "कुराने हाफिज" के साथ-साथ "संविधान का भी हाफिज" बनो तथा "बुद्ध" को अपना "राजनैतिक गुरु" मानकर ^^नवाबी^^ मुद्दे पर भीमवादी दलित को P.M बनाकर ""नवाबी"" छीन लो-छीन लो-छीन लो*


*नवाबी का मतलब आज का M.P-M.L.A-C.M व डिप्टी P.M होता है*


*लिखने मे कोई अपराध व गलती हो गई हो माफ करो*


*जय भीम जय हसरत मोहानी*

*9-10-20*

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

india consists a number of ethnic groups sustaining diversity as its Core element .

 india consists a number of ethnic groups  sustaining  diversity as its Core element . Its quality may be summarized by  a simple illustration,  just a garden consist multiple colored flowers . Generally if a person is presented  a rose flower daily , with the passing of time he must express  his eager desire to have fragrant of another kind of flowers . So the diversity is the natural gift of God that’s reason in fact diversity is the beauty of india in the whole universe & the best example of good mankind which maintain several kinds of human taste . Indeed it calls for / invokes each Indian  to feel proud to be inhabitants of such diversified country .  Naturally diversity plays an  important role in the field of politics as well for the purpose of Governance which requires elected or chosen political Members in the Democratic system which is in force in our country as well who could lead its contribution by playing political role...

*EVM नये-छोटे-दलों का तथा BSP का उदय केंद्र मे नहीं होने दे रहा है*

(1)-पंडित पुजारी कि पार्टी काँग्रेस-BJP के नाटकीय नूरा-कुश्ती के खेल से 99% लोग अंजान है एक तरफ राहुल गाँधी भारत-जोड़ो-यात्रा का ढोंग कर रहे है तो दूसरी तरफ खडगे और शशी थरूर मे टक्कर दिखाकर खडगे (दलित) को काँग्रेस का अध्यक्ष बनाकर RSS-BJP कि जननी काँग्रेस BSP/भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी को शिकस्त देने के लिए दाँव-पेंच खेली है तथा इन बुद्ध के शूद्रो पर जो आज के MUSLIM SC ST OBC वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोग है इन्हे राजनीति के क्षेत्र में नपुंसक व अपाहिज बनाने के लिए जबरजस्त बेहतरीन चाल भी चली है इसलिए अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मा न बनकर 'भीमवादी-बनो' बहुजन हसरत पार्टी BHP कि बात पर तर्क करो गलत लगे तो देशहित-जनहित मे माफ करो* *(2)-जब-जब BSP को तोड़ा गया तब-तब Muslim Sc St Obc बुद्ध के शूद्र वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोगो ने उसके अगले ही चुनाव में BSP को 3-गुना ज्यादा ताकतवर बनाकर खड़ा किया है जैसे-1993/1995/1997 व 2002-03 में BSP को अ-संवैधानिक तरीके से तोड़कर समाजवादी पार्टी व BJP...

जर्जर स्कूल, खतरे में भविष्यटूटी छतों और दीवारों के बीच कैसे पलेगी शिक्षा की नींव?

भारत में लाखों सरकारी विद्यालय जर्जर हालत में हैं। टूटी छतें, दरारों वाली दीवारें, पानी व शौचालय का अभाव—ये बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई दोनों पर खतरा हैं। पिछले नौ वर्षों में 89 हज़ार सरकारी स्कूल बंद हुए, जिससे शिक्षा में अमीर-गरीब की खाई और गहरी हुई। शिक्षा का अधिकार कानून सुरक्षित भवन की गारंटी देता है, लेकिन ज़मीनी हकीकत अलग है। सरकार, समाज और नागरिकों को मिलकर विद्यालय भवनों की मरम्मत और सुविधाओं में निवेश करना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ मलबों पर नहीं, मजबूत नींव पर अपने सपने खड़ी कर सकें। -डॉ. सत्यवान सौरभ शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आत्मा होती है और विद्यालय उसके मंदिर। यह वह स्थान है जहाँ बच्चों के सपनों को आकार मिलता है, विचारों को पंख मिलते हैं और भविष्य की नींव रखी जाती है। परंतु दुख की बात है कि भारत में, विशेषकर ग्रामीण इलाकों और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में, इन मंदिरों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। अनेक विद्यालयों में छतें टूटी हुई हैं, दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें हैं, बरसात में पानी टपकता है, खिड़कियाँ टूटी हुई हैं, बेंच जर्जर हो चुकी हैं और पीने के पानी तथा शौचालय...