सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आजादी के मतवाले (58)मिर्जा तुराब शाह


 आजादी के मतवाले (58) 


36:-मिर्जा तुराब शाह आत्मज मिर्जा  शहाबुद्दीन दिल्ली के रहने वाले मिलिट्री कमिश्नर के आदेश पर नजरबंदी की सजा हुई । फिर उनको रंगून में नजरबंद कर दिया गया ।


37:- मिर्जा वली  शिकोह आत्मज मिर्जा बुलंद मुगल शहजादा स्पेशल कमिश्नर के आदेश से फांसी की सजा हुई।


38:- मिर्जा जहीरूद्दीन आत्मज मिर्जा  शकूरा 30 जुलाई 1857 को लोनी गांव के तहसीलदार ने गिरफ्तार किया उम्र कैद की सजा हुई । हिंदुस्तान की विभिन्न जेल मे रहे । उसके बाद उन्हें रंगून की जेल में नजरबंद कर दिया गया।


39 मिर्जा जमुर्रदशाह दिल्ली के रहने वाले 18 नवंबर  1857 को फांसी दी गई।


40 मिर्जा मोहब्बत शाह पुराना किला दिल्ली के रहने वाले  military कमिश्नर के आदेश से 11 फरवरी 1858 को फांसी हुई । मोहम्मद अब्दुल हक हकीम आत्मज मोहम्मद हसन बख्श दिल्ली के रहने वाले मुगल दरबार में बल्लभगढ़ के राजा के प्रतिनिधि थे ।मुगल दरबार के एसीडी थे।  400 मुगल सिपाहियों के साथ अंग्रेजी फौजो  से गंभीर मुकाबला किया। झज्जर में अंग्रेजी सिपाहियों ने गिरफ्तार किया 1857 में उन्हें फांसी देने का आदेश हुआ।

 42 :- मोहम्मद अली खान शेरजंग कूचा चेलान  के रहने वाले विद्रोह की गतिविधियों में सम्मिलित होने के कारण फांसी की सजा दी गई । 


43:- मोहम्मद बाकर दिल्ली के रहने वाले उर्दू अखबार के एडिटर दिल्ली कॉलेज के प्रिंसिपल श्री टेलर के कत्ल के इल्जाम में गिरफ्तार किए गए ।1857 में फांसी की सजा हुई ।उनकी संपत्ति जब्त कर ली गई और उनके परिवार के लोगों को बाहर भेज दिया गया ।


44 :- मुहम्मद बख्श  दिल्ली के रहने वाले मिलिट्री के आदेश से 7 दिसंबर 1857 को फांसी दी गई ।


 45:-आबिदुदीन साकिन लाल किला मिलिट्री कमिश्नर के आदेश से 27 फरवरी 1858 को फांसी की सजा हुई।


 प्रस्तुति एस ऐ बेताब संपादक बेताब समाचार एक्सप्रेस एवं हिंदी मासिक पत्रिका एवं यूट्यूब चैनल

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

संगम फाउंडेशन व हिंदी उर्दू मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक शानदार नातिया मुशायरा हुआ*

शाहिद खान संवाददाता पीलीभीत*  पीलीभीत: संगम फाउंडेशन व हिंदी उर्दू मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक शानदार नातिया मुशायरा जश्ने ईद मिलादुन्नबी के  सिलसिले में  हाजी ज़हीर अनवर की सरपरस्ती में ग्रेस पब्लिक स्कूल ख़ुदा गंज में आयोजित किया गया जिसकी *सदारत मौलाना मुफ्ती हसन मियां क़दीरी* ने की, निज़ामत का कार्य ज़ियाउद्दीन ज़िया एडवोकेट ने किया जनाबे सदर हसन मियां कदीरी ने अपने कलाम मे कहा जलवाए हुस्ने इलाही प्यारे आका की है जात,रुख से रोशन दिन हैं उन के जुल्फ़ का सदका है रात मुशायरा कनवीनर मुजीब साहिल ने यूं फरमाया दिल के बोसीदा ज़ख्म सीने को इश्क  वाले  चले  मदीने   को हाशिम नाज़ ने अपनी नात पढ़ते हुए कहा बिना ज़िक्रे नबी मेरी कोई पहचान थोड़ी है,कि नाते मुस्तफा लिखना कोई आसान थोड़ी है नाजिम नजमी ने अपने कलाम में यूं कहा सुकूने दिल नहीं मिलता उसे सारे जमाने में बुलालो अबतो आका मुझ को अपने आस्ताने में हर सिमत यहां बारिशे अनवारे नबी है उस्ताद शायर शाद पीलीभीती ने अपने मखसूस अंदाज में कहा  बन के अबरे करम चार सू छा गए जब जहां में हबीबे खुद...

*EVM नये-छोटे-दलों का तथा BSP का उदय केंद्र मे नहीं होने दे रहा है*

(1)-पंडित पुजारी कि पार्टी काँग्रेस-BJP के नाटकीय नूरा-कुश्ती के खेल से 99% लोग अंजान है एक तरफ राहुल गाँधी भारत-जोड़ो-यात्रा का ढोंग कर रहे है तो दूसरी तरफ खडगे और शशी थरूर मे टक्कर दिखाकर खडगे (दलित) को काँग्रेस का अध्यक्ष बनाकर RSS-BJP कि जननी काँग्रेस BSP/भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी को शिकस्त देने के लिए दाँव-पेंच खेली है तथा इन बुद्ध के शूद्रो पर जो आज के MUSLIM SC ST OBC वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोग है इन्हे राजनीति के क्षेत्र में नपुंसक व अपाहिज बनाने के लिए जबरजस्त बेहतरीन चाल भी चली है इसलिए अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मा न बनकर 'भीमवादी-बनो' बहुजन हसरत पार्टी BHP कि बात पर तर्क करो गलत लगे तो देशहित-जनहित मे माफ करो* *(2)-जब-जब BSP को तोड़ा गया तब-तब Muslim Sc St Obc बुद्ध के शूद्र वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोगो ने उसके अगले ही चुनाव में BSP को 3-गुना ज्यादा ताकतवर बनाकर खड़ा किया है जैसे-1993/1995/1997 व 2002-03 में BSP को अ-संवैधानिक तरीके से तोड़कर समाजवादी पार्टी व BJP...

बहेड़ी से 50 जायरीनों का ऐतिहासिक उमराह सफर, शहर में जश्न का माहौल

बहेड़ी, बरेली: गुरुवार को बहेड़ी से 50 जायरीनों का एक बड़ा और ऐतिहासिक काफिला उमराह के मुकद्दस सफर पर रवाना हुआ।  इस काफिले में हमारे व्यापार मंडल के प्रमुख सदस्य मोहम्मद नईम (सर) हाजी अजीम चिश्ती सहित शहर के कई अन्य लोग और उनके परिवारों के लोग शामिल थे, जिससे पूरे नगर में खुशी और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। इस पाक सफर पर जाने वालों में व्यापार मंडल के साथी मोहम्मद नईम साहब, हाजी अजीम चिश्ती, हाजी इकरार अहमद और तौफीक नूरी प्रमुख थे। इस बड़े समूह को विदाई देने के लिए राजनेताओं, समाजसेवियों, और सभी समुदायों के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। जायरीनों को फूल-मालाओं से लादकर विदा किया गया, व्यापार मंडल के अध्यक्ष सलीम रहबर के नेतृत्व में मीडिया प्रभारी वसीम आइडिया, उपाध्यक्ष बबलू अमीर, उमर रशीद, युवा अध्यक्ष नदीम फैंसी, तैयब कासमी, हाजी इरशाद, और ज़लीस शाहजी समेत कई पदाधिकारी और सदस्य जायरीनों से मिले और उनके लिए दुआएँ कीं। इस मौके पर लईक शेरी, वासिफ संगम, नाजिम अनीस, और आसिफ विलियम जैसे अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। शहर भर के लोगों ने दिल से दुआएँ की कि अल्लाह ...