सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आजादी के मतवाले (62) गुलाम नबी


 आजादी के मतवाले (62)

76 :- गुलाम नबी : गुड़गांव में बादशाहपुर के निवासी, उपायुक्त दिल्ली के आदेश पर 1858 को फांसी दी गई। 


77 :- गुलाम नसीरुदीन शेख : दिल्ली के निवासी।  military commissioner  दिल्ली के आदेश पर फांसी 18 नवंबर 1857 को फांसी दी गई। 


78 :- गुलाम शाह शेख :- दिल्ली के हो गया निवासी। विद्रोही कार्यक्रम में सक्रिय रहे और अंग्रेजी फौज का मुकाबला किया। deputy commissioner Delhi के आदेश पर 18 जनवरी 1858 को फांसी दी गई।


79 :-  गयासुद्दीन मिर्जा गुडगांव के निवासी उपायुक्त ने उनके लिए फांसी का हुक्म  दिया । 


80 :-  हबीब शेख दिल्ली के निवासी विद्रोही आंदोलन में सक्रिय भाग लिया, अंग्रेजी फौजों से मुकाबला किया बन्दी बनाऐ गए   और मिलिट्री कमिश्नर के आदेश से 7 दिसंबर 1857 को फांसी की सजा हुई। 


 81 हैदर आत्मज हैदर मिओ गुडगांव के निवासी 24 मार्च 1858 को मुख्य  आयुक्त ने उनको फांसी का आदेश दिया।

82 :-  हाजी मोहम्मद बख्श शेख  दिल्ली के निवासी मिलिट्री कमिश्नर के आदेश से 13 अक्टूबर 1857 को फांसी की सजा हुई । 


83 :- हमीरा दिल्ली के निवासी  पेशे से नाई थे 20 नवंबर 18 57 को मिलट्री कमिश्नर के हुक्म पर फांसी की सजा हुई। 


 84 :- हेन्नू खाँ आत्मज शुऐब खाँ मिओ खाबों सराय गुडगांव के निवासी । सिपाही। उपायुक्त दिल्ली के आदेश पर 29 मार्च 1857 को फांसी का आदेश हुआ।


 85:- हजारी धोबी दिल्ली के निवासी । 8 दिसंबर 1858 को मिलिट्री कमिश्नर के आदेश पर फांसी हुई।


 शेष अगले अंक में ...   ...

प्रस्तुति एस ऐ बेताब संपादक बेताब समाचार एक्सप्रेस हिंदी मासिक पत्रिका एवं यूट्यूब चैनल

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

संगम फाउंडेशन व हिंदी उर्दू मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक शानदार नातिया मुशायरा हुआ*

शाहिद खान संवाददाता पीलीभीत*  पीलीभीत: संगम फाउंडेशन व हिंदी उर्दू मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक शानदार नातिया मुशायरा जश्ने ईद मिलादुन्नबी के  सिलसिले में  हाजी ज़हीर अनवर की सरपरस्ती में ग्रेस पब्लिक स्कूल ख़ुदा गंज में आयोजित किया गया जिसकी *सदारत मौलाना मुफ्ती हसन मियां क़दीरी* ने की, निज़ामत का कार्य ज़ियाउद्दीन ज़िया एडवोकेट ने किया जनाबे सदर हसन मियां कदीरी ने अपने कलाम मे कहा जलवाए हुस्ने इलाही प्यारे आका की है जात,रुख से रोशन दिन हैं उन के जुल्फ़ का सदका है रात मुशायरा कनवीनर मुजीब साहिल ने यूं फरमाया दिल के बोसीदा ज़ख्म सीने को इश्क  वाले  चले  मदीने   को हाशिम नाज़ ने अपनी नात पढ़ते हुए कहा बिना ज़िक्रे नबी मेरी कोई पहचान थोड़ी है,कि नाते मुस्तफा लिखना कोई आसान थोड़ी है नाजिम नजमी ने अपने कलाम में यूं कहा सुकूने दिल नहीं मिलता उसे सारे जमाने में बुलालो अबतो आका मुझ को अपने आस्ताने में हर सिमत यहां बारिशे अनवारे नबी है उस्ताद शायर शाद पीलीभीती ने अपने मखसूस अंदाज में कहा  बन के अबरे करम चार सू छा गए जब जहां में हबीबे खुद...

*EVM नये-छोटे-दलों का तथा BSP का उदय केंद्र मे नहीं होने दे रहा है*

(1)-पंडित पुजारी कि पार्टी काँग्रेस-BJP के नाटकीय नूरा-कुश्ती के खेल से 99% लोग अंजान है एक तरफ राहुल गाँधी भारत-जोड़ो-यात्रा का ढोंग कर रहे है तो दूसरी तरफ खडगे और शशी थरूर मे टक्कर दिखाकर खडगे (दलित) को काँग्रेस का अध्यक्ष बनाकर RSS-BJP कि जननी काँग्रेस BSP/भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी को शिकस्त देने के लिए दाँव-पेंच खेली है तथा इन बुद्ध के शूद्रो पर जो आज के MUSLIM SC ST OBC वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोग है इन्हे राजनीति के क्षेत्र में नपुंसक व अपाहिज बनाने के लिए जबरजस्त बेहतरीन चाल भी चली है इसलिए अम्बेडकर-वादी छुट भैये अवसर-वादी निकम्मा न बनकर 'भीमवादी-बनो' बहुजन हसरत पार्टी BHP कि बात पर तर्क करो गलत लगे तो देशहित-जनहित मे माफ करो* *(2)-जब-जब BSP को तोड़ा गया तब-तब Muslim Sc St Obc बुद्ध के शूद्र वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले कामगार-श्रमिक-मजदूर-बहुजन लोगो ने उसके अगले ही चुनाव में BSP को 3-गुना ज्यादा ताकतवर बनाकर खड़ा किया है जैसे-1993/1995/1997 व 2002-03 में BSP को अ-संवैधानिक तरीके से तोड़कर समाजवादी पार्टी व BJP...

बहेड़ी से 50 जायरीनों का ऐतिहासिक उमराह सफर, शहर में जश्न का माहौल

बहेड़ी, बरेली: गुरुवार को बहेड़ी से 50 जायरीनों का एक बड़ा और ऐतिहासिक काफिला उमराह के मुकद्दस सफर पर रवाना हुआ।  इस काफिले में हमारे व्यापार मंडल के प्रमुख सदस्य मोहम्मद नईम (सर) हाजी अजीम चिश्ती सहित शहर के कई अन्य लोग और उनके परिवारों के लोग शामिल थे, जिससे पूरे नगर में खुशी और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। इस पाक सफर पर जाने वालों में व्यापार मंडल के साथी मोहम्मद नईम साहब, हाजी अजीम चिश्ती, हाजी इकरार अहमद और तौफीक नूरी प्रमुख थे। इस बड़े समूह को विदाई देने के लिए राजनेताओं, समाजसेवियों, और सभी समुदायों के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। जायरीनों को फूल-मालाओं से लादकर विदा किया गया, व्यापार मंडल के अध्यक्ष सलीम रहबर के नेतृत्व में मीडिया प्रभारी वसीम आइडिया, उपाध्यक्ष बबलू अमीर, उमर रशीद, युवा अध्यक्ष नदीम फैंसी, तैयब कासमी, हाजी इरशाद, और ज़लीस शाहजी समेत कई पदाधिकारी और सदस्य जायरीनों से मिले और उनके लिए दुआएँ कीं। इस मौके पर लईक शेरी, वासिफ संगम, नाजिम अनीस, और आसिफ विलियम जैसे अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। शहर भर के लोगों ने दिल से दुआएँ की कि अल्लाह ...